दिल्ली-मुंबई, भोपाल-कानपुर और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी।
विदिशा/भोपाल | 17 जनवरी 2026
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को विदिशा संसदीय क्षेत्र के लिए विकास का बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि विदिशा-सागर-कोटा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी मिल गई है। लगभग ₹16,000 करोड़ की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल देगा। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भले ही अब दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन विदिशा और मध्यप्रदेश के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही अडिग है।
75 किमी कम होगी दूरी, बड़े शहरों से सीधा जुड़ाव
श्री चौहान ने बताया कि यह नया एक्सप्रेस-वे न केवल यात्रा का समय बचाएगा, बल्कि दिल्ली-मुंबई और लखनऊ-कानपुर जैसे प्रमुख गलियारों से सीधा जुड़ाव प्रदान करेगा। इससे दूरी में भी 75 किलोमीटर की कमी आएगी। साथ ही, नागपुर-ग्वालियर नेशनल हाईवे का विदिशा से गुजरना इस क्षेत्र के लिए व्यापारिक और भौगोलिक दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा।
नितिन गडकरी का जताया आभार
विकास कार्यों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने विदिशा को ₹4,400 करोड़ की सौगातें दी हैं। इसके अलावा, CRF के तहत प्रदेश को मिले ₹1,600 करोड़ में से ₹400 करोड़ विशेष रूप से विदिशा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं के सड़क नेटवर्क के लिए आवंटित किए गए हैं।
प्राथमिकता में मेडिकल कॉलेज और बेतवा सौंदर्यीकरण
बुनियादी ढांचे के साथ-साथ श्री चौहान ने स्थानीय विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि रायसेन मेडिकल कॉलेज का कार्य जल्द पूरा करना, बेतवा नदी के घाटों का सौंदर्यीकरण, अंडरग्राउंड बिजली वायरिंग और एक आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने दोहराया कि नर्मदा-क्षिप्रा की तरह ही अब नर्मदा-बेतवा लिंक परियोजना से इस पूरे अंचल में समृद्धि के द्वार खुलेंगे


