उदयपुर / राजस्थान | 14 अक्टूबर 2025 (PIB दिल्ली)
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा 14-15 अक्टूबर को राजस्थान के उदयपुर में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश भर से पर्यटन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। यह बैठक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक राज्य: एक वैश्विक गंतव्य” दृष्टिकोण को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही, जिसमें प्रत्येक राज्य में एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करने का आह्वान किया गया है।
इस बैठक के दौरान पर्यटन परिवर्तन एजेंडा को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच गहन चर्चा हुई। इसमें “50 गंतव्यों के विकास” और “प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन” जैसे दो प्रमुख स्तंभों पर विशेष रूप से विचार किया गया। निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए PLI-आधारित गंतव्य परिपक्वता मॉडल पर भी चर्चा की गई, जिससे पर्यटन स्थलों का समग्र और स्थायी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम की शुरुआत पर्यटन सचिव सुश्री वी. विद्यावती के उद्घाटन भाषण से हुई, जिसके बाद केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि भारत के विकसित पर्यटन रोडमैप को लागू करने के लिए केंद्र, राज्य और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग अनिवार्य है। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने संभावित गंतव्यों की अवधारणाएं साझा कीं, जो वैश्विक मानकों पर आधारित पर्यटन स्थल बन सकते हैं।
बैठक के दूसरे दिन, ‘एकीकृत पर्यटन संवर्धन योजना’ के मसौदा दिशानिर्देशों पर केंद्रित परामर्श आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। मंत्रालय का लक्ष्य है कि यह सम्मेलन नीति समन्वय को बढ़ावा दे और भारत के हर कोने से वैश्विक स्तर का, टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी पर्यटन इको-सिस्टम विकसित हो सके।


