शहीद आशीष शर्मा:_“एक शहादत न्यूज”_आज देश ने एक सच्चा हीरो खो दिया है।
बोहानी गांव,एमपी/छत्तीसगढ़ बॉर्डर | 21 नवंबर 2025
मध्यप्रदेश हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा ने छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के जंगलों में नक्सलियों से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की। वो एक किसान के बेटे थे और 29 वर्ष की उम्र में दो वीरता पुरस्कारों से सम्मानित हुए थे।
19 नवम्बर की रात, तीन राज्यों के सुरक्षाबल संयुक्त रूप से एंटी-नक्सल ऑपरेशन पर थे।इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की टीम को जंगल में छिपे नक्सलियों की जानकारी मिली। इसी दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी—जिसमें आशीष शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए।
गोलियां लगने के बावजूद उन्होंने आखिरी सांस तक अपने कर्तव्य को निभाया। वह लगातार कवर फायरिंग कर रहे थे ताकि साथी जवान सुरक्षित रहें। उनके साहस से कई जवानों की जान बची।
इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की बहादुरी का ये किस्सा पूरे देश को गर्व दिला रहा है।
उनकी पार्थिव देह जब उनके गांव बोहानी पहुंची, सैकड़ों लोग तिरंगे में लिपटे अपने सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े।
“जब तक सूरज और चांद रहेगा, आशीष शर्मा का नाम रहेगा”—यही नारा पूरे गांव और प्रदेश में गूंज रहा है।
जनवरी में उनकी शादी तय थी, लेकिन देश की सेवा में वे अपना सर्वोच्च बलिदान देकर अमर हो गए।
ऐसे सच्चे हीरो को “एक शहादत जन चौपाल 36 डिजिटल न्यूज” की ओर से शत-शत नमन और श्रद्धांजलि।


