रायपुर, 17 नवम्बर 2025।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर 16 नवम्बर को जनसंपर्क संचालनालय, रायपुर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संपादकों, वरिष्ठ पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने मीडिया की विश्वसनीयता, सूचनाओं की गुणवत्ता तथा फेक न्यूज की चुनौती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
वरिष्ठ संपादक जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि व्यक्तिगत हितों के कारण कई बार भ्रामक सूचनाओं का प्रचार-प्रसार होता है, जिससे पाठक भ्रमित होते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली मेट्रो में तकनीकी समस्याओं की स्थिति में तत्काल सही सूचनाएं जारी की जाती थीं, जिससे पारदर्शिता बनी रहती थी और गलतफहमी को रोका जा सकता था।
संपादक रवि भोई ने कहा कि खबरों की सच्चाई सर्वोपरि है तथा पुष्टिकरण के बाद ही खबरें प्रसारित की जानी चाहिए।संपादक एएन द्विवेदी ने सूचनाओं की गुणवत्ता और उनके परिणामों के प्रति गंभीरता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। वरिष्ठ पत्रकार अशोक साहू ने कहा कि पत्रकारिता में अगर विश्वसनीयता के मानदंडों का पालन किया जाए तो भ्रामक सूचनाओं की कोई जगह नहीं रह जाती।
कार्यक्रम में अपर संचालक उमेश मिश्रा ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र का आधार स्तंभ है और इसे बनाए रखना बेहद जरूरी है।अपर संचालक आलोक देव ने कहा कि मीडिया सिर्फ खबरें देने का माध्यम नहीं है, बल्कि प्रेस समाज को मार्गदर्शन भी देता है और विश्वास के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।
उप संचालक सौरभ शर्मा ने तकनीकी बदलाव और एआई के दौर में गलत सूचनाओं के तेजी से प्रसार पर चिंता जताते हुए कहा कि फर्जी खबरों को प्रसारित करने से पहले उनकी सत्यता की जांच आवश्यक है।
कार्यक्रम में अरविन्द मिश्रा सहित अन्य गणमान्य नागरिक, जनसंपर्क विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी वक्ताओं ने समान स्वर में निष्पक्ष तथा सत्य आधारित पत्रकारिता की प्रतिबद्धता दोहराई।


