बलरामपुर, 29 जुलाई 2025:
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सकेतवा बांध में दरारें पड़ गई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 25 से अधिक घरों को खाली करवा लिया है और पुलिस व एसडीआरएफ की टीम मौके पर तैनात है।
पानी लबालब, दबाव बढ़ा — दरारें पड़ीं
बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित साकेतवा बांध में बीते दो दिनों की भारी बारिश के चलते पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। बांध में दबाव बढ़ने के कारण कई स्थानों पर मिट्टी धंसने और दरारें आने की पुष्टि हुई है।
रातभर चला राहत कार्य
हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन, जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन दल सक्रिय हो गए हैं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, भाजपा युवा मोर्चा के वरिष्ठ नेता अंश सिंह, एसडीएम आनंद निगम समेत पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर देर रात तक वैकल्पिक नहर बनाकर पानी निकासी का कार्य किया। अधिकारियों के अनुसार, “आउटलेट तैयार किया जा रहा है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।”
खतरे में चार गांव, 2000 लोग प्रभावित हो सकते हैं
सकेतवा बांध, जो चनान नदी के उद्गम स्थल पर स्थित है, बलरामपुर जिले की एक अहम जल संरचना है। यह बांध आसपास के जमुआटांड, खड़ियाडामर, बुद्धडीह और डूमरखोरका गांवों के बेहद करीब है। यदि बांध टूटता है, तो इन गांवों के लगभग 2000 निवासी सीधे प्रभावित हो सकते हैं।
जल संसाधन विभाग सतर्क, स्थिति पर नजर
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, “बांध में पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ने से दरारें आई हैं। यदि बारिश नहीं थमी, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।” विभाग और प्रशासन लगातार बांध की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और हरसंभव वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं।
जनचौपाल-36 विशेष टिप्पणी:
सकेतवा बांध की स्थिति से यह स्पष्ट होता है कि जल संरचनाओं की नियमित निगरानी और मजबूत रख-रखाव कितना जरूरी है। प्रशासन की तत्परता सराहनीय है, लेकिन आने वाले समय में ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान और जलवायु जोखिम प्रबंधन नीति भी उतनी ही आवश्यक है।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में साकेतवा बांध में दरारें: प्रशासन अलर्ट मोड में, 2000 लोगों पर मंडरा रहा खतरा


