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Saturday, March 7, 2026

राजनाथ सिंह का GRSE दौरा: ‘युद्धपोत सिर्फ स्टील नहीं, करोड़ों हाथों की मेहनत है’

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— यह भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति और समुद्री शक्ति को मजबूत करने की प्रतिबद्धता का संदेश साथ GRSE जैसे सार्वजनिक उपक्रमों पर सरकार का यह भरोसा दर्शाता है कि भारत रक्षा निर्माण में दुनिया के सामने एक नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।

कोलकाता, 6 मार्च 2026। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) के परिसर में पहुंचे और कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत के रक्षा और समुद्री क्षेत्र को लेकर कई अहम बातें कहीं, जो देश की रक्षा नीति की दिशा को और स्पष्ट करती हैं।

तकनीक के युग में GRSE से बड़ी उम्मीद
रक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आज का दौर तकनीक का दौर है। उन्होंने GRSE से अपील की कि वे ऐसे अत्याधुनिक जहाज और प्लेटफॉर्म विकसित करें, जो भारत और पूरी दुनिया में जहाज निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्टता की मिसाल बनें।
उनके शब्दों में — नई चुनौतियां आएंगी, नई तकनीकें आएंगी और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी, लेकिन इसी मेहनत और समर्पण से GRSE भारत और दुनिया में जहाज निर्माण उत्कृष्टता का चमकता सितारा बनेगा।”

विकसित भारत 2047 में GRSE की अहम भूमिका
राजनाथ सिंह ने GRSE को ‘विकसित भारत 2047’ के सपने से सीधे जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत को एक आत्मनिर्भर और वैश्विक शक्ति बनाने में देश के शिपयार्ड की केंद्रीय भूमिका होगी। पिछले डेढ़ सदी से GRSE ने भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को फ्रिगेट, युद्धपोत और अन्य उन्नत जहाज उपलब्ध कराए हैं।

‘युद्धपोत सिर्फ मशीन नहीं — हजारों सपनों का प्रतीक’
इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने एक भावपूर्ण बात कही जो खूब चर्चा में है —
जब आपका बनाया हुआ आधुनिक युद्धपोत समुद्र की लहरों पर चलता है, तो वह केवल स्टील और मशीनों का ढांचा नहीं होता। यह हजारों श्रमिकों की मेहनत, इंजीनियरों की नवाचार क्षमता और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक होता है।”
इन शब्दों ने कर्मचारियों में जोश और गर्व का संचार किया।

कर्मचारी हैं राष्ट्र-निर्माता — राजनाथ
रक्षा मंत्री ने GRSE कर्मचारियों को महज नौकरीपेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण के महान अभियान का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने उनकी मेहनत, कौशल और प्रतिबद्धता की जमकर सराहना की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिखी भारत की विविधता
कार्यक्रम में GRSE के कर्मचारियों और उनके परिवारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। राजनाथ सिंह ने इसे ‘बहुत शानदार’ बताते हुए कहा कि यह भारत की विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरत झलक थी।
इस कार्यक्रम में GRSE के CMD कमोडोर पी.आर. हरि (सेवानिवृत्त), रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और शिपयार्ड के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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