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Saturday, March 7, 2026

पीएम मोदी का स्वतंत्रता दिवस भाषण: आत्मनिर्भर भारत से लेकर परमाणु धमकियों तक सख्त संदेश

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देश के गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर भविष्य की ओर आत्मविश्वास से कदम बढ़ाना ही असली आजादी है।

नई दिल्ली, 15 अगस्त 2025 | जनचौपाल36

स्वतंत्रता के 79वें पर्व पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों को एकजुटता, आत्मनिर्भरता और सशक्त भारत का संदेश दिया। उनका संबोधन जहां भावनात्मक रूप से देश के गौरवशाली इतिहास को नमन करने वाला था, वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दृढ़ता और कड़े रुख का भी प्रतीक रहा।

“140 करोड़ संकल्पों का पर्व”

प्रधानमंत्री ने शुरुआत में कहा,
“मेरे प्यारे देशवासियों, आजादी का यह महापर्व 140 करोड़ संकल्पों का पर्व है। हर घर तिरंगा, हर दिल मातृभूमि के जयगान से भरा है।”
उन्होंने 1947 से लेकर संविधान निर्माण तक के सफर को याद किया और बाबा साहब अंबेडकर, सरदार पटेल, पंडित नेहरू, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, हंसा मेहता जैसी विभूतियों के योगदान को नमन किया।

ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान को चेतावनी

प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस मिशन ने पाकिस्तान में ऐसी तबाही मचाई कि उसकी “नींद उड़ी हुई है”। उन्होंने साफ कहा,
“अगर दुश्मनों ने आगे भी कोई हिमाकत की तो मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। भारत अब न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा।”
उन्होंने सिंधु जल संधि को “अन्यायपूर्ण और एकतरफा” बताते हुए इसके पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता पर बल दिया।

आत्मनिर्भरता ही ताकत

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर जोर देते हुए कहा कि देश की मजबूती का आधार आत्मनिर्भरता है और दूसरों पर निर्भरता “आफत का सबब”।
“हम सशक्त भारत की ओर अब तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां हम अपने संसाधनों, तकनीक और नवाचार से दुनिया में अग्रणी बनेंगे।”

तकनीकी क्रांति: मेड-इन-इंडिया चिप्स

प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष के अंत तक ‘मेड-इन-इंडिया’ चिप्स बाजार में उपलब्ध होंगे। उन्होंने इसे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

संदेश का सार

इस स्वतंत्रता दिवस का संदेश स्पष्ट था—
भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा।
आत्मनिर्भरता ही आर्थिक और सामरिक मजबूती का रास्ता है।
देश के गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर भविष्य की ओर आत्मविश्वास से कदम बढ़ाना ही असली आजादी है।
जय हिंद!

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