अतिक्रमण हटाने के दौरान कई शहरों में लोगों ने समय और विकल्प की मांग की है, जिसे प्रशासन को संयमित तरीके से संबोधित करना होगा।
पटना:_बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद ही प्रशासन अतिक्रमण के खिलाफ बड़े ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। ‘ऑपरेशन बुलडोजर‘ के तहत राज्य के करीब एक दर्जन शहरों में अवैध कब्जों को हटाने का काम तेज हो गया है, जिससे कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। समस्तीपुर से शुरू हुआ यह अभियान सीतामढ़ी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दानापुर, लखीसराय और बिहारशरीफ जैसे प्रमुख शहरों में भी पहुंच चुका है। बड़ी संख्या में कच्चे और पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है।
समस्तीपुर से लखीसराय तक एक्शन: समस्तीपुर रेलवे स्टेशन के पास माल गोदाम चौक पर अतिक्रमण खाली कराया गया, जिसमें रेलवे और स्थानीय पुलिस बल शामिल थे। हालांकि, लोगों के अनुरोध पर प्रशासन ने उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था खोजने के लिए 10 दिनों की मोहलत दी है। वहीं, लखीसराय में डीएम मिथिलेश मिश्र और एसपी अजय कुमार के नेतृत्व में रविवार को भी अभियान जारी रहा, जहां तीन घंटे के ऑपरेशन में शहीद द्वार से पचना रोड तक अवैध टीन शेड और निर्माण हटाए गए।
जुर्माना और सख्ती: सीतामढ़ी नगर निगम और यातायात विभाग ने गौशाला चौक से पुनौरा धाम मंदिर द्वार तक सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया, जहां जेसीबी से अवैध निर्माण तोड़े गए। इस दौरान, कई अतिक्रमणकारियों के सामान जब्त किए गए और उनसे करीब 9,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसी तरह, दानापुर में हाथी खाना मोड़ से सगुना मोड़ तक चले अभियान में झोंपड़ियों और गुमटियों को ध्वस्त किया गया और 4,800 रुपये जुर्माना वसूला गया। भागलपुर में भी नगर निगम ने अतिक्रमणकारियों से 13,500 रुपये जुर्माना वसूल कर सख्त संदेश दिया कि दोबारा अतिक्रमण करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


