रायपुर/राजस्थान, रविवार_23/11/2025
राजस्थान प्रवास पर पहुंचे सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने रविवार को विश्वप्रसिद्ध चतुर्मुख जिनप्रासाद राणकपुर महातीर्थ में दर्शन किए। महातीर्थ पहुंचने पर प्रबंध समिति ने उनका आत्मीय स्वागत किया और मंदिर की प्राचीन परंपरा, शिल्पकला और आध्यात्मिक महिमा से अवगत कराया।
सांसद अग्रवाल ने राणकपुर महातीर्थ को “जीवन का अनुपम और अविस्मरणीय अनुभव” बताते हुए कहा कि अरावली पर्वतमाला की गोद में स्थित यह धाम केवल जैन समाज की आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय शिल्पकला की अद्वितीय प्रतिभा और सूक्ष्म नक्काशी का ऐसा जीवंत साक्ष्य है, जो विश्व धरोहर में स्थान पाने योग्य है।
उन्होंने प्रभु आदिनाथ के चतुर्मुख स्वरूप के दर्शन को “आत्मा को शांति और निर्मलता से भर देने वाला दिव्य अनुभव” बताया। मंदिर के 1444 अद्वितीय स्तंभ, 72 इंच की विशाल प्रतिमाएँ, 84 देवकुलिकाएँ, मेघनाद मंडपों की ऊँचाई, मोतियों-से झरते तोरण और गुम्बदों की नक्काशी ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।
सांसद अग्रवाल ने 15वीं शताब्दी में धरणाशाह द्वारा शुरू कर लगभग पचास वर्ष (1446–1496) में पूर्ण हुए मंदिर निर्माण को भारतीय इतिहास की “अमूल्य धरोहर” बताया। उन्होंने कहा कि निन्यानवे लाख की लागत उस कालखंड की भव्यता और गहरी आस्था का प्रतीक है।
प्रभु आदिनाथ के समक्ष प्रार्थना करते हुए उन्होंने सभी के जीवन में शांति, करुणा, सद्बुद्धि और सद्भावना की कामना की। राणकपुर की पावन धरा को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक चेतना को इससे मिलने वाली शक्ति हमारी सांस्कृतिक पहचान को सदैव अमर बनाए रखती है।


