114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद से भारतीय वायुसेना को बड़ी मजबूती।
मुंबई_17/02/2026
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए आज लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक रक्षा सौदे पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत भारत को 114 राफेल लड़ाकू विमान मिलेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच मुंबई में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस मेगा डील पर विस्तृत चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार यह सौदा भारतीय वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन क्षमता को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है। राफेल जैसे अत्याधुनिक बहु_उद्देश्यीय लड़ाकू विमान शामिल होने से भारत की हवाई ताकत में उल्लेखनीय इजाफा होगा।
इस प्रस्ताव के तहत
18 राफेल विमान फ्रांस से सीधे उड़ान-योग्य (फ्लाई-अवे) स्थिति में भारत आएंगे।
शेष करीब 90 विमान भारत में निर्मित किए जाएंगे, जिनमें मेक इन इंडिया के तहत स्थानीय उत्पादन और तकनीकी हस्तांतरण पर जोर रहेगा।
राफेल विमान का निर्माण फ्रांस की कंपनी करती है और यह पहले से ही भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सौदे की अंतिम औपचारिक मंजूरी, तकनीकी-वाणिज्यिक शर्तें और कैबिनेट कमेटी की स्वीकृति की प्रक्रिया अभी बाकी है। हालांकि राजनीतिक और रणनीतिक स्तर पर सहमति बनना इस सौदे को लगभग अंतिम चरण में ले आता है।
रक्षा के साथ तकनीक और AI पर भी सहमति
मोदी-मैक्रों वार्ता केवल रक्षा तक सीमित नहीं रही। दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उन्नत तकनीक, नवाचार, स्टार्ट-अप सहयोग और औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी सहमति बनी है।


