नई दिल्ली21/12/2025
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का यह कहना कि आज दुनिया भारत को पहले से अधिक सकारात्मक और गंभीरता से देखती है, बदलते वैश्विक परिदृश्य का सटीक प्रतिबिंब है। बहुध्रुवीय विश्व में भारत ने अपनी जगह संतुलन, संवाद और आत्मविश्वास के साथ बनाई है।
जयशंकर द्वारा नेतृत्व और सेवा की भूमिका को हनुमान के रूपक से समझाना यह दर्शाता है कि देश विज़न से आगे बढ़ते हैं और उसे लागू करने वाली क्षमता से पहचान बनाते हैं।
डायस्पोरा को लेकर विदेश मंत्री के अनुभव यह दर्शाते हैं कि भारतीयों की कार्यसंस्कृति, तकनीकी दक्षता और पारिवारिक मूल्यों ने भारत के नेशनल ब्रांड को मजबूती दी है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की बढ़ती संख्या, विदेशी कंपनियों में भारतीय टैलेंट की मांग और व्यक्तिगत सफलताएँ—ये सभी संकेत भारत की बदली छवि की पुष्टि करते हैं।
भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन है—युवा आबादी, तकनीकी कौशल और वैश्विक स्तर पर सम्मानित डायस्पोरा। यही कारण है कि आज भारत का नेशनल ब्रांड पहले से अधिक मजबूत हुआ है।हालाँकि विकास की राह में अभी चुनौतियाँ शेष हैं, लेकिन भारत की बदली वैश्विक छवि एक ऐसी सच्चाई है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता


