परिवर्तन की शताब्दी का आधार :इक्कसवीं सदी की इस दशक में भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार।
नई दिल्ली:14/02/2026
प्रधानमंत्री ने आज राजधानी में आयोजित को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का बीता दशक भारत के लिए अभूतपूर्व विकास, प्रभावी डिलीवरी और लोकतंत्र को सशक्त करने वाला साबित हुआ है। प्रधानमंत्री ने ‘व्यवधानों का दशक, परिवर्तन की शताब्दी’ विषय पर बोलते हुए कहा कि वैश्विक महामारी, युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के बावजूद भारत ने अपनी आंतरिक शक्ति और सामर्थ्य का परिचय दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया ने एक ही दशक में अभूतपूर्व डिसरप्शन देखे—ग्लोबल पैंडेमिक, अलग-अलग क्षेत्रों में तनाव, युद्ध और सप्लाई चेन ब्रेकडाउन ने वैश्विक संतुलन को झकझोर दिया। ऐसे कठिन समय में किसी भी देश की वास्तविक क्षमता सामने आती है और भारत ने यह सिद्ध किया है कि वह संकट को अवसर में बदलने की ताकत रखता है।
उन्होंने गर्व के साथ कहा कि जब पिछला दशक शुरू हुआ था, तब भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था और वैश्विक उथल-पुथल के बीच यह आशंका जताई जा रही थी कि भारत और पीछे चला जाएगा। लेकिन आज वही भारत तेज़ी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि भारत की नीतिगत स्पष्टता, राजनीतिक स्थिरता और सुधारों की निरंतरता का परिणाम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस दशक में भारत ने अपने बजट दृष्टिकोण में भी मौलिक बदलाव किया है। बजट अब केवल व्यय-केंद्रित नहीं, बल्कि परिणाम-केंद्रित है। सरकार ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को विकास का मुख्य इंजन बनाया है, जिससे शासन, सेवा वितरण और आर्थिक गतिविधियों में पारदर्शिता और गति आई है।
उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। भारत दुनिया के साथ व्यापार समझौते कर रहा है क्योंकि वह वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत अब केवल उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक विकास को दिशा देने वाला देश बन रहा है।
‘परिवर्तन की शताब्दी’ पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस सदी का एक बहुत बड़ा आधार भारत होगा। वर्तमान में भारत वैश्विक विकास में 16 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे रहा है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षों में यह योगदान निरंतर बढ़ता रहेगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत दुनिया की ग्रोथ को ड्राइव करेगा और विश्व अर्थव्यवस्था का नया इंजन बनेगा।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आकलन किसी अनुमान या भविष्यवाणी पर आधारित नहीं है, बल्कि भारत की वर्तमान क्षमताओं, नीतियों और प्रदर्शन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत का विकास पथ वैश्विक स्थिरता, समावेशी प्रगति और साझा समृद्धि को मजबूती प्रदान करेगा।


