नई दिल्ली, 28 फरवरी 2026: (खबर स्त्रोत पीआईबी)
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तेजी से बदलती परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत के नागर विमानन मंत्रालय ने विमानन तैयारियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा की है। नागर विमानन मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में मंत्रालय के सचिव, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और प्रमुख एयरलाइन ऑपरेटरों ने हिस्सा लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में लगाए गए हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों और ‘नोटाम’ (NOTAM) के बीच भारतीय यात्रियों की सुरक्षा और उड़ानों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना था।
सरकार ने अंतरराष्ट्रीय रूट पर उड़ान भरने वाली सभी भारतीय एयरलाइनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे हवाई क्षेत्र संबंधी चेतावनियों और मार्ग प्रतिबंधों पर निरंतर नज़र रखें।
एयरलाइनों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आवश्यकतानुसार उड़ानों का मार्ग परिवर्तन (Re-routing) या समय पुनर्निर्धारण करने को कहा गया है। इसके साथ ही, देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को संभावित अनियोजित लैंडिंग और डायवर्जन के प्रबंधन हेतु सतर्क कर दिया गया है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नागर विमानन मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ संपर्क में है, ताकि विदेशों में मौजूद भारतीय नागरिकों की किसी भी आपातकालीन जरूरत को समय रहते पूरा किया जा सके। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइनों के साथ निरंतर संपर्क में रहें और उड़ानों के समय में होने वाले किसी भी संभावित बदलाव की जानकारी लेते रहें। सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार आगे की एडवाइजरी जारी की जाएगी।


