मुंबई/भारत_ 09 अक्टूबर 2025
news source(पीआईबी/pmindia)फोटो संपादित
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की पहली भारत यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस साल जुलाई में हुए ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) को भारत–UK भागीदारी का मील का पत्थर बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से आयात लागत घटेगी, व्यापार बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
स्टार्मर भारत के अब तक के सबसे बड़े बिजनेस प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे हैं, जो दोनों देशों के साझेदारी में आई नई ऊर्जा और व्यापक दृष्टि का प्रतीक माना जा रहा है।
सामरिक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
बैठक में इंडो-पैसिफिक और वेस्ट एशिया में शांति व स्थिरता, यूक्रेन संघर्ष और गाज़ा संकट पर विचार-विमर्श हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के जरिए शांति बहाल करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
टेक्नोलॉजी और शिक्षा में बड़े कदम
पिछले वर्ष लॉन्च हुई भारत-यूके प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत दोनों देशों ने उभरती तकनीकों में संयुक्त रिसर्च और इनोवेशन के लिए मंच तैयार किया है।
UK की नौ यूनिवर्सिटीज़ भारत में कैंपस खोल रही हैं। हाल ही में साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय का गुरुग्राम कैंपस शुरू हुआ, जबकि गिफ्ट सिटी में तीन अन्य यूनिवर्सिटी कैंपस का निर्माण जारी है।
रक्षा सहयोग में नई दिशा
भारत–UK रक्षा सहयोग में सह-निर्माण और रक्षा उद्योग के जुड़ाव पर जोर दिया गया। एक नए समझौते के तहत भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स UK की शाही वायु सेना में ट्रेनर्स के रूप में कार्य करेंगे।


