प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंचे और राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत किया—जो भारत की ओर से विशेष कूटनीतिक संकेत माना गया।
नई दिल्ली | 06 दिसंबर 2025
पुतिन यात्रा सार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 4–5 दिसंबर की भारत यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने वाली साबित हुई। पुतिन के आगमन से लेकर प्रस्थान तक दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीति, सांस्कृतिक जुड़ाव और रणनीतिक सहयोग पर महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई।
पहले दिन राष्ट्रपति भवन में पुतिन का औपचारिक स्वागत हुआ। इसके बाद उन्होंने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। शाम को प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर निजी रात्रिभोज का आयोजन किया गया, जहां भारत–रूस मित्रता का विशेष माहौल तैयार किया गया था।
5 दिसंबर को दोनों नेताओं ने हैदराबाद हाउस में 23वें भारत–रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, अंतरिक्ष, परमाणु तकनीक और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई। पूर्वी समुद्री गलियारे (ESR) को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को भगवद गीता का रूसी अनुवाद भेंट किया, जिसे पुतिन ने भारतीय संस्कृति की अनमोल सौगात बताया। पुतिन ने दिल्ली में आयोजित एक प्रमुख व्यापारिक कार्यक्रम में भी भाग लिया और बाद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
6 दिसंबर की सुबह पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा सफलतापूर्वक संपन्न होकर समाप्त हुआ। विदेश मंत्रालय ने यात्रा को “बेहद उत्पादक और विश्वास मजबूत करने वाली” बताया।
यह दौरा भारत–रूस रणनीतिक साझेदारी को न सिर्फ मजबूती देता है, बल्कि अगले दशक के सहयोगी ढांचे का आधार भी तैयार करता है। सांस्कृतिक स्तर पर गीता का रूसी संस्करण और रणनीतिक स्तर पर नए सहयोग के संकेत इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण बनाते हैं।


