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Saturday, March 7, 2026

प्रेस कांफ्रेंस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी सरकार से मांगा हिंदू होने के सबूत

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हिंदु धर्म प्रमुख होता है शंकराचार्य : उन्होंने कहा है कि केवल भगवा पहनना या भाषण देना हिंदू होने का प्रमाण नहीं है।

वाराणसी 30/01/2026

वाराणसी के माघ मेला क्षेत्र में हाल ही में हुए घटनाक्रम ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने योगी सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए उनके ‘हिंदू’ होने पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार (30 जनवरी, 2026) को वाराणसी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने तीखे स्वर में कहा कि केवल भगवा पहनना या भाषण देना हिंदू होने का प्रमाण नहीं है

शंकराचार्य ने प्रशासन द्वारा उनसे ‘शंकराचार्य होने का सबूत’ मांगने और उनकी पालकी को रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम देते हुए दो प्रमुख शर्तें रखी हैं:
☝️ गौ माता को ‘राज्य माता’ घोषित करना: उन्होंने कहा कि असली हिंदू वही है जो गौ-रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो।
👉बीफ एक्सपोर्ट (गोमांस निर्यात) पर पूर्ण रोक: शंकराचार्य के अनुसार, जो सरकार गोहत्या नहीं रोक सकती और निर्यात को बढ़ावा देती है, उसे हिंदू कहलाने का अधिकार नहीं है।

इतिहास में चोल राजाओं और छत्रपति शिवाजी महाराज का उदाहरण है कि हिंदू शासकों ने हमेशा गौ-वंश की रक्षा की है। शंकराचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन ने उनसे 24 घंटे में जवाब मांगा था, जिसका उन्होंने उत्तर दे दिया है और अभी तक उनके जवाब को चुनौती नहीं दी गई है।

उन्होंने प्रशासन पर संन्यासियों के अपमान और उनके साथ चल रहे बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया है।10 मार्च को 40 दिन बीतेंगे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो 11 मार्च को लखनऊ में सभी संत इकट्ठा होंगे और कड़ा विरोध जताएंगे।

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