भारत की भूमि किसी के बाप की नहीं है_गृहमंत्री अमित शाह जनचौपाल36 चौपाल से चौपाटी तक: “अदब से सलीके तक, बेबाक सच की ज़िद तक।
कोलकाता _01/02/2026
सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे सामरिक भाषा में ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, महज 22 किलोमीटर चौड़ी जमीन की एक पट्टी नहीं है, बल्कि यह भारत की अखंडता को थामे रखने वाली वह जीवनरेखा है जो उत्तर-पूर्व को शेष भारत से जोड़ती है। हाल ही में सिलीगुड़ी में गृह मंत्री अमित शाह का सख्त लहजा इसी संवेदनशीलता को दर्शाता है। उनका यह बयान कि “क्या यह तुम्हारे बाप की जमीन है?” केवल एक राजनीतिक पलटवार नहीं, बल्कि उन अलगाववादी ताकतों को सीधी चेतावनी है जो देश के भूगोल से खिलवाड़ करने का सपना देखते हैं।
सुरक्षा बनाम तुष्टीकरण की राजनीति
गृह मंत्री ने दिल्ली के उन नारों का जिक्र कर पुरानी जख्मों को फिर हरा कर दिया, जिनमें भारत के इस रणनीतिक हिस्से को काटने की बात कही गई थी। यह चिंताजनक है कि जब सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस ऐसे तत्वों पर नकेल कसती हैं, तो ‘इंडिया’ गठबंधन जैसे राजनीतिक धड़े उनके बचाव में खड़े नजर आते हैं। राजनीति अपनी जगह हो सकती है, लेकिन जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, तो विपक्ष और सत्ता पक्ष के सुर अलग होना देश की आंतरिक मजबूती के लिए शुभ संकेत नहीं हैं।
भारत माता: केवल भूमि नहीं, एक भावना
इस पूरे विवाद का सबसे मार्मिक और वैचारिक पहलू वह है जिसे जनता अक्सर अपनी आस्था से जोड़ती है। यदि हम भारत को ‘भारत माता’ कहते हैं, तो स्वाभाविक है कि इसकी हर इंच जमीन उसके संतानों की विरासत है। गृह मंत्री का तर्क इसी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को पुख्ता करता है—यह जमीन किसी व्यक्ति विशेष या विदेशी विचारधारा की जागीर नहीं है।
👉 “जो भारत को माता मानकर उसका सम्मान कर सकता है, वही इसकी माटी का सच्चा हकदार है। राष्ट्र की संप्रभुता से समझौता करने वालों के लिए इस धरा पर कोई स्थान नहीं होना चाहिए।”
निष्कर्ष जन चौपाल 36
सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर गृह मंत्री का सख्त रुख यह स्पष्ट करता है कि सरकार अब ‘डिफेंसिव’ होने के बजाय ‘प्रो-एक्टिव’ मोड में है। बाहरी दुश्मनों से निपटने के लिए सेना तैयार है, लेकिन ‘चिकन नेक’ जैसे संवेदनशील हिस्सों को आंतरिक गद्दारों और अलगाववादी विचारधाराओं से बचाना सरकार की प्राथमिकता बन चुकी है। अंततः, भारत की भौगोलिक अखंडता अक्षुण्ण रहेगी, बशर्ते हम नारों और राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोपरि रखें।


