“शिशु के लिए स्तनपान मौलिक अधिकार तथा सर्वोत्तम आहार है, यह माँ और बच्चे के बीच मजबूत संबंध बनाने में सहायक है।”
बेमेतरा, 1 अगस्त 2025।Janchoupal 36
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह (World Breastfeeding Week) मनाया जा रहा है। यह एक वैश्विक अभियान है जिसका उद्देश्य स्तनपान के लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना है। इस वर्ष की थीम “स्तनपान में निवेश, भविष्य में निवेश” रखी गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर ने बताया कि जिले के सभी विकासखण्डों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। माताओं को प्रसव के तुरंत बाद एक घंटे के भीतर शिशु को स्तनपान कराने तथा छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने की जानकारी दी जा रही है। इस अवधि में शिशु को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आहार या पानी नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों, डिलीवरी प्वाइंट, शिशु वार्ड एवं पोषण पुनर्वास केंद्रों में पदस्थ सीएचओ, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनें समुदाय स्तर पर बैठक लेकर स्तनपान के लाभ और कुपोषण से बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता फैला रही हैं।
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. लोकेश साहू ने कहा कि माँ का दूध शिशु को आवश्यक पोषक तत्व और एंटीबॉडी प्रदान करता है, जो उसे डायरिया, निमोनिया और कुपोषण जैसी बीमारियों से बचाने में सहायक है। यह शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि –शिशु को 6 माह तक केवल स्तनपान कराना चाहिए।छह माह बाद पूरक आहार देना शुरू कर और दो वर्ष की आयु तक स्तनपान जारी रखना चाहिए।


