505 करोड़ बकाया भुगतान की प्रक्रिया तेज़
राज्य सरकार ने अब तक 375 करोड़ रुपये जारी किए, केंद्र से जल्द मिलेंगे 130 करोड़
रायपुर। छत्तीसगढ़ 12।09।2025:_ janchoupal36
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के निजी पंजीकृत अस्पतालों में मरीजों का लगातार मुफ्त उपचार जारी है। वर्तमान में रोज़ाना लगभग 1,600 से 1,700 दावे अस्पतालों से प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनकी राशि प्रतिदिन 4 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य सरकार अब तक 375 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है।
इस राशि से जुलाई 2025 तक के लगभग 280 करोड़ रुपये के दावे चुका दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार से 130 करोड़ रुपये इस सप्ताह मिलने की संभावना है। इसके बाद निजी अस्पतालों के लंबित भुगतान के लिए कुल 505 करोड़ रुपये उपलब्ध हो जाएंगे।
सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता पर जोर
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी पैनल में शामिल अस्पताल मान्य आयुष्मान कार्डधारकों को कैशलेस और नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराएं। किसी भी प्रकार की अतिरिक्त फीस लेने पर रोक है। योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले 118 अस्पतालों पर अब तक कार्रवाई की गई है, जिनमें 24 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट और 11 का निलंबन शामिल है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी नियम तोड़ने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
आईएमए और अस्पताल प्रतिनिधियों का स्वागत
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और अस्पताल बोर्ड ऑफ इंडिया ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र शुक्ला ने बताया कि विभागीय मंत्री की पहल पर राज्य सरकार ने समय पर फंड जारी कर दिया है और केंद्र से भी राशि स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी परिस्थिति में मरीजों का निःशुल्क इलाज बंद नहीं होगा।
निगरानी और सुधार पर फोकस
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी गरीब या कमजोर वर्ग का परिवार इलाज से वंचित न हो। इसके लिए पारदर्शी भुगतान व्यवस्था, कड़ी निगरानी और निरंतर सुधार लागू किए जा रहे हैं। शीघ्र ही एक स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टर और अन्य संबंधित पक्षों के साथ योजनागत मुद्दों पर चर्चा होगी।
सरकार का संकल्प:_राज्य सरकार का कहना है कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे और किसी भी नागरिक को आर्थिक बोझ उठाए बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले।


