देश की राजनीतिक जनचौपाल36 _07/12/2025
केरल की राजनीति में एक ऐसा राजनीतिक समीकरण बन गया है, जिसे सामान्य परिस्थितियों में सोचना भी मुश्किल होता। कांग्रेस, CPI(M) और BJP—तीनों प्रतिद्वंद्वी दल—स्थानीय निकाय चुनाव में एक साथ आ गए हैं। यह गठजोड़ किसी सरकार के गठन के लिए नहीं, बल्कि एक उभरते स्थानीय संगठन ट्वेंटी20 (Twenty20) के बढ़ते प्रभाव को चुनौती देने के लिए सामने आया है।
सूत्रों के अनुसार, 9 और 11 दिसंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में तीनों दल किज़क्कम्बलम क्षेत्र में साझा निर्दलीय उम्मीदवार उतार रहे हैं। यह कदम स्थानीय स्तर पर चुनावी संतुलन को प्रभावित कर सकता है। बताया जाता है कि यह रणनीति विशेष रूप से उन क्षेत्रों में अपनाई जा रही है, जहां पिछले वर्षों में Twenty20 ने अपना प्रभाव तेज़ी से बढ़ाया है।
Twenty20 की पृष्ठभूमि
ट्वेंटी20 की स्थापना 2013 में किटेक्स ग्रुप ने एक CSR पहल के रूप में की थी। इसके कार्यक्षेत्र में किज़क्कम्बलम और आसपास के इलाक़े शामिल हैं। संगठन ने 2015 में पहली बार पंचायत चुनाव जीता और 2020 में तीन और पंचायतों पर नियंत्रण बढ़ाया। स्थानीय स्तर पर यह मॉडल विकास-केंद्रित कार्यों के लिए जाना जाता रहा है।
बढ़ता प्रभाव और राजनीतिक चिंता
इस बार संगठन 48 पंचायतों, कोच्चि नगर निगम और अन्य नगरपालिकाओं में चुनावी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है। कुछ पंचायतों में इसके सभी उम्मीदवार महिलाएँ हैं। इसे देखते हुए मुख्यधारा की पार्टियों के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिल रहा है।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरल में यह गठजोड़ मुख्यतः क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। आगामी चुनाव परिणाम इस नए प्रयोग की प्रभावशीलता और भविष्य की राजनीति पर इसके असर को तय कर सकते हैं।


