नई दिल्ली : SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विरोध के बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हुआ। इसमें कहा गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से संपर्क कर जारी गतिरोध खत्म करने की कोशिश की। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे को फर्जी और भ्रामक बताया है।PIB फैक्ट चेक ने लोगों से अपील की है कि राजनीतिक और संवेदनशील घटनाक्रम से जुड़ी किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
वायरल पोस्ट में क्या कहा गया था
सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट में दावा किया गया कि गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से संपर्क किया है। पोस्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से प्रदर्शन खत्म कराने के लिए बातचीत की कोशिश की गई थी।इन दावों में यह भी कहा गया कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की अनुमति मिलने तक अपना विरोध जारी रखने की बात कही। PIB फैक्ट चेक ने गृह मंत्रालय द्वारा कांग्रेस नेताओं से संपर्क किए जाने के दावे को गलत बताया है।
SIR को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब SIR को लेकर दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन जारी है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।विपक्षी दल SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च भी किया था।
पुलिस ने कई नेताओं को रोका
चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहे विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर रोक दिया। प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई और बैरिकेड लगाए गए। कुछ नेताओं को हिरासत में भी लिया गया।प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के बैरिकेड पर चढ़ने और तिरंगा लहराने की तस्वीरें सामने आईं। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए।
चुनाव आयोग का भी आया पक्ष
विपक्ष SIR प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रहा है। दूसरी ओर चुनाव आयोग का कहना है कि SIR निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मंगलवार को यह भी कहा कि किसी राजनीतिक दल की ओर से औपचारिक मुलाकात का अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।
PIB फैक्ट चेक कैसे करता है जांच
PIB की फैक्ट चेक यूनिट केंद्र सरकार और उसके मंत्रालयों से जुड़ी वायरल सूचनाओं की तथ्यात्मक जांच करती है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह यूनिट नवंबर 2019 में शुरू की गई थी और सरकारी नीतियों, योजनाओं, आदेशों तथा अन्य संबंधित दावों में फर्जी या भ्रामक जानकारी की पहचान करती है।इस प्रक्रिया में संबंधित सरकारी स्रोतों से जानकारी का मिलान किया जाता है और जरूरत पड़ने पर संबंधित मंत्रालय या विभाग से तथ्य की पुष्टि की जाती है।
वायरल दावे पर PIB की साफ बात
PIB फैक्ट चेक के खंडन के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से गृह मंत्रालय के कथित संपर्क वाली खबर को प्रमाणित सूचना नहीं माना जा सकता। ऐसे में सोशल मीडिया पर इस दावे को आगे बढ़ाने से पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करना जरूरी है।SIR को लेकर राजनीतिक विवाद और विपक्ष का विरोध अपनी जगह जारी है, लेकिन गृह मंत्रालय और कांग्रेस नेताओं के बीच कथित बातचीत का यह दावा PIB फैक्ट चेक के मुताबिक गलत है।


