विपक्ष के उम्मीदवार बी.सुदर्शन रेड्डी को हराया
नई दिल्ली, 9 सितंबर 2025 — देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद के लिए हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 452 वोट प्राप्त हुए। इस जीत के साथ अब राधाकृष्णन भारत के नए उपराष्ट्रपति होंगे।
चुनाव प्रक्रिया और मतदान
उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों — लोकसभा और राज्यसभा — के सांसदों द्वारा किया जाता है। इस बार मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला। सांसदों ने गुप्त मतदान के जरिए अपने मत डाले। मतदान के बाद देर शाम परिणाम घोषित किया गया, जिसमें राधाकृष्णन को निर्णायक बढ़त मिली।
विपक्ष का उम्मीदवार
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ की ओर से पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी मैदान में थे। हालांकि विपक्ष ने पूरा दमखम दिखाया, लेकिन एनडीए के मजबूत संख्याबल के आगे उनकी दावेदारी टिक नहीं पाई।
राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर
सी.पी. राधाकृष्णन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वे तमिलनाडु से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद पर कार्यरत थे। लंबे समय से संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले राधाकृष्णन को ईमानदार और सादगीपूर्ण छवि वाला नेता माना जाता है।
उपराष्ट्रपति पद का महत्व
उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। वे राज्यसभा के सभापति भी होते हैं और आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उनकी जिम्मेदारियाँ संभालते हैं। इस लिहाज से राधाकृष्णन की भूमिका आने वाले समय में और भी अहम मानी जा रही है।
प्रतिक्रियाएँ
एनडीए खेमे में राधाकृष्णन की जीत के बाद उत्साह का माहौल है। प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई दी। वहीं विपक्ष ने भी लोकतांत्रिक परंपरा का सम्मान करते हुए परिणाम को स्वीकार किया और नए उपराष्ट्रपति को शुभकामनाएँ दीं।


