29.5 C
Raipur
Saturday, March 7, 2026

बागेश्वर सामूहिक विवाह महोत्सव: आशीर्वाद देने देश-विदेश से उमड़ रहा जनसैलाब

Must read

8 से 10 लाख श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कुल मिलाकर यह आयोजन सेवा, संस्कार और समर्पण का भव्य संगम बन गया है।

मीडिया सूत्र, छतरपुर।25/02/2026

देशभर से चयनित 305 गरीब व असहाय कन्याओं के सामूहिक विवाह महोत्सव के लिए पूरी तरह सज-संवरकर तैयार है। मध्य प्रदेश के स्थित इस धाम में 12 से 15 फरवरी तक चलने वाले आयोजन का मुख्य दिन 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) है, जब सातवां सामूहिक विवाह महोत्सव विधिवत संपन्न होगा। पूरे परिसर में पंडाल, मंडप, उपहार काउंटर और वैदिक अनुष्ठानों की व्यवस्था अंतिम चरण में है।

आयोजन समिति के अनुसार 305 जोड़ों के लिए 305 अलग-अलग मंडप बनाए गए हैं, ताकि प्रत्येक बेटी का पाणिग्रहण पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ हो सके। पंडाल में यह भी तय कर लिया गया है कि कौन-सा जोड़ा किस स्थान पर बैठेगा। 300 ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार होगा, जबकि 550 से अधिक सेवादार व्यवस्थाओं में जुटे हैं। सुबह से शहनाइयों की गूंज के बीच घोड़े पर सजे-धजे दूल्हे अपनी बरातों के साथ धाम पहुंचेंगे।

इस महोत्सव में धर्म-पिता की भूमिका निभा रहे कन्याओं के हाथ पीले करेंगे। आयोजन में सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल देखने को मिलेगी, जहां भारत के विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधियों के साथ अर्जेंटीना, चिली, पेरू, उरुग्वे, कोलंबिया, पनामा, सूरीनाम और पैराग्वे सहित आठ देशों के राजदूत भी कन्याओं को आशीर्वाद देने पहुंचेंगे।

बागेश्वर धाम को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और पारंपरिक तोरण द्वारों से ‘जनकपुर’ की तरह सजाया गया है। बेटियों को गृहस्थी का समस्त आवश्यक सामान उपहार स्वरूप दिया जा रहा है। भंडारे की व्यापक व्यवस्था की गई है, जिसमें 5 से 8 लाख लोगों के भोजन का प्रबंध है। सात प्रकार की मिठाइयों के साथ नागपुर से विशेष रसमलाई मंगाई गई है।

अंतिम तीन दिनों में हल्दी और मेहंदी के कार्यक्रम संपन्न हुए, जिनमें बेटियों के साथ संतों ने भी सहभागिता की। वहीं, 1200 साधकों ने सन्यासी बाबा की साधना दीक्षा ली।

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article