कोलकाता, 31 दिसंबर 2025
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल भाजपा को 2026 विधानसभा चुनाव के लिए एकजुट करने का संकल्प लिया। कोलकाता के साल्ट लेक होटल में बुधवार को हुई अहम बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष की चौंकाने वाली मौजूदगी ने राजनीतिक हलचल मचा दी।
2021 में 2 मई को बंगाल चुनाव के नतीजे आए थे और इस बार भी संभवतः अप्रैल में ही मतदान कराए जा सकते हैं। इस बीच बुधवार को अमित शाह ने कोलकाता में तमाम भाजपा नेताओं के साथ बैठक की।
शाह ने शुभेंदु अधिकारी, समिक भट्टाचार्य समेत सभी सांसदों, विधायकों और संभावित टिकटधारकों को संबोधित किया। आठ महीने से पार्टी से दूरी बना चुके घोष से शाह की मुलाकात ने ‘बर्फ पिघलने’ के संकेत दिए। 2019 में 18 सांसद और 2021 में 70 विधायकों की सफलता दिलाने वाले घोष को चुनावी फ्रंट पर वापस लाने की कवायद तेज।
घोष की वापसी क्यों मायने रखती है?
👉रिकॉर्ड: 2014 के 3 से 2019 में 18 लोकसभा सीटें, 2021 में 70 विधानसभा सीटें।
👉चर्चाएं: ममता बनर्जी के मंदिर कार्यक्रम में दिखे घोष पर TMC जॉइनिंग की अफवाहें।
👉रणनीति: शाह का फोकस – बड़े नेताओं को एक मंच, टिकट-प्रचार जिम्मेदारी तय।
बैठक में नगर निगम नेता और संगठन पदाधिकारी भी शामिल। भाजपा 2021 के 77 सीटों से आगे निकलने की तैयारी में। ममता सरकार पर हमले तेज, एकजुट संगठन से ‘परिवर्तन’ का दावा।


