डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली_ 14/03/2026
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के 15 वें दिन भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत का एलपीजी (रसोई गैस) ले जाने वाला जहाज ‘शिवालिक’ शुक्रवार रात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित पार कर गया।जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली ट्रैकिंग साइट ‘मरीनट्रैफिक’ के अनुसार यह जहाज 7 मार्च को कतर से अमेरिका के लिए रवाना हुआ था।
‘शिवालिक’ शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का जहाज है। इसमें करीब 50,000 टन से अधिक एलपीजी ले जाने की क्षमता है।[1] क्षेत्र में तनाव के कारण समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ गया है, ऐसे में इस जहाज का सुरक्षित निकलना भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल भारत में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। वैश्विक हालात को देखते हुए कुछ लोग घबराहट में सिलेंडर बुक कर रहे हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं। उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र करीब ढाई दिन का है।
एलपीजी के डायवर्जन को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) सिस्टम लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत ग्राहकों को सिलेंडर प्राप्त करते समय डिलीवरी कर्मी को एक कोड देना होगा। इसके अलावा अस्थायी उपाय के तौर पर एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग द्वीप पर ईरान के सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर इस इलाके के ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जा सकता है। ईरान के लगभग 80-90% कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप से होता है।
(स्त्रोत ddnews इनपुट: आईएएनएस )


