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Saturday, March 7, 2026

“राष्ट्रीय महत्व की उपलब्धि” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मैसूर में AIISH के हीरक जयंती समारोह में की शिरकत

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प्रविष्टि तिथि: 02 सितंबर 2025, प्रातः 9:36 बजे | स्रोत: पीआईबी तिरुवनंतपुरम

मैसूर (कर्नाटक)। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को अखिल भारतीय वाणी एवं श्रवण संस्थान (AIISH), मैसूर के हीरक जयंती समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव और मैसूर के सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा तथा वाक् एवं श्रवण अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इस प्रतिष्ठित संस्थान के हीरक जयंती समारोह में शामिल होना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि संचार विकारों के निदान और उपचार में संस्थान का योगदान पूरे देश और समाज के लिए प्रेरणादायक है। राष्ट्रपति ने संस्थान से जुड़े सभी पूर्व निदेशकों, संकाय सदस्यों, प्रशासकों और छात्रों को उनकी निष्ठा और कार्यों के लिए बधाई दी।

AIISH की भूमिका और उपलब्धियां

1965 में स्थापित AIISH, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है। यह संस्थान वाक् एवं श्रवण विकारों के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, नैदानिक सेवाओं, प्रशिक्षण, अनुसंधान, जन शिक्षा और पुनर्वास के लिए देश ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया का अग्रणी केंद्र माना जाता है।

संस्थान में डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टोरल स्तर तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही रोगियों और उनके परिवारों को परामर्श एवं पुनर्वास सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं। वर्तमान में AIISH को दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।
विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव वी. हेक्काली शिमोमी, भारत सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, संस्थान के संकाय सदस्य, शोधार्थी और छात्र भी मौजूद थे।


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