राष्ट्रव्यापी मजदूर हड़ताल पर भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल का समर्थन:_ब्रजेश शर्मा,दीपक पाण्डेय
नई दिल्ली, 10 फरवरी 2026
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महासचिव अमरजीत कौर ने कहा कि हड़ताल का असर देश के 600 जिलों में दिखेगा। ओडिशा और असम पूरी तरह बंद रहेंगे। दूसरे राज्यों में भी आंदोलन का बहुत ज्यादा असर होगा।
अलग-अलग मांगों को लेकर देशभर के 30 करोड़ से ज्यादा मजदूर हड़ताल करने जा रहे हैं। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त संगठन ने सोमवार को कहा कि 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान जारी है। उम्मीद है कि देश भर से कम से कम 30 करोड़ मजदूर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।
यूनियनों ने केंद्र सरकार की “मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी कॉरपोरेट समर्थक नीतियों” के खिलाफ अपना विरोध दिखाने के लिए यह हड़ताल बुलाई है। अमरजीत कौर ने मीडिया को बताया कि इस बार 12 फरवरी (बृहस्पतिवार) को बुलाए गए राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 30 करोड़ से कम मजदूर हिस्सा नहीं लेंगे।
पिछली बार हुए विरोध-प्रदर्शन में लगभग 25 करोड़ मजदूरों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने बताया कि हड़ताल का असर देश के 600 जिलों में दिखेगा। जो पिछले साल के लगभग 550 जिलों से ज्यादा है। कौर ने कहा कि ट्रेड यूनियनों के भागीदारी के दावे जिला और ब्लॉक स्तर पर की गई मजबूत तैयारियों पर आधारित हैं।
बीजेपी शासित राज्यों में प्रस्तावित हड़ताल के असर के बारे में उन्होंने कहा कि ओडिशा और असम पूरी तरह बंद रहेंगे। संयुक्त फोरम के एक बयान के अनुसार, संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी और ट्रेड यूनियनों की मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन और लामबंदी में शामिल होने के लिए पूरा समर्थन दिया है।
लगभग सभी राज्यों में सभी क्षेत्रों – सरकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संस्थानों, औद्योगिक क्षेत्रों में, ग्रामीण और शहरी भारत में मजदूरों, किसानों और आम जनता के बीच बड़े पैमाने पर अभियान चलाए गए हैं।


