पीएम मोदी की कार्यशैली से 2025 गतिशील भारत का सशक्त चित्र उभरा, जहां भक्ति कूटनीति से मिली और एकता वैश्विक सम्मान बनी।
नई दिल्ली, 31 दिसंबर 2025
2025 पीएम नरेंद्र मोदी की कार्यशैली का आईना बना। भक्ति से लबरेज राम जन्मभूमि ध्वजारोहण से लेकर SCO, G7 जैसी वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत छवि गढ़ने तक, उन्होंने उत्तर-दक्षिण की एकता को सांस्कृतिक धागे से जोड़ा। ऑपरेशन सिंदूर की कूटनीतिक सफलता से आमजन के दिल छूने वाले पलों तक, मोदी की यात्राएं विकास, मानवीय जुड़ाव और सभ्यतागत गौरव की मिसाल बनीं।
राम जन्मभूमि: उत्तर-दक्षिण एकता का प्रतीक
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर पवित्र धर्म ध्वजा फहराते हुए पीएम मोदी ने सभ्यतागत पुनर्जागरण का संदेश दिया। दक्षिण में तमिलनाडु के भव्य गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर, आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी देवस्थानम में ध्यान-पूजन, और गोवा के श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी जीवोत्तम मठ की यात्राएं—इनसे उत्तर की भक्ति दक्षिण की परंपरा से रूबरू हुई। यह कार्यशैली भारत को एक सूत्र में बांधती नजर आई।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की विशिष्ट छवि
चीन के तियानजिन SCO समिट में शी जिनपिंग-पुतिन के साथ गठजोड़, सऊदी जेट एस्कॉर्ट के बीच कूटनीतिक मुस्कान, व्हाइट हाउस में ट्रंप का निजी संदेश, G7 में रामाफोसा-लुला संग चर्चा, और दक्षिण अफ्रीका-अॉस्ट्रेलिया के नेताओं से हाथ मिलाना—पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक नेता के रूप में स्थापित किया। मॉरीशस में नवीन रामगुलाम का हार्दिक स्वागत, जॉर्डन के क्राउन प्रिंस का ‘बियॉन्ड प्रोटोकॉल’ गाड़ी में साथ, और श्रीलंका के अनुराधापुरा में आशीर्वाद—ये पल भारत की सॉफ्ट पावर को चमकाते दिखे।
जन-केंद्रित कार्यशैली की झलकियां
अहमदाबाद रोड शो में भावुक महिला का आंसू पोंछना, छत्तीसगढ़ रायपुर में छात्रों संग सेल्फी, बच्चे के साथ मजेदार पल, रक्षा बंधन पर 7 लोक कल्याण में बच्चों की राखी, और हरियाणा के रामपाल कश्यप को 14 साल पुरानी प्रतिज्ञा पूरी कर जूते भेंट करना—ये विनम्रता के अनमोल क्षण बने। जम्मू-कश्मीर के चिनाब ब्रिज पर तिरंगा लहराना, INS विक्रांत पर वायुशक्ति प्रदर्शन में अभिवादन, और लाल किले से 79वें स्वतंत्रता दिवस का संदेश—विकास और सुरक्षा को जनता से जोड़ा।


