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Saturday, March 7, 2026

124वीं ‘मन की बात’: अतीत की गौरवगाथा और भविष्य की उड़ान का मंत्र

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नई दिल्ली, 27 जुलाई 2025 मन की बात
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज आकाशवाणी और दूरदर्शन पर मन की बात कार्यक्रम के 124वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों से संवाद किया। इस बार उन्होंने विज्ञान, विरासत, स्वदेशी, स्वच्छता और सद्भाव जैसे विविध विषयों पर विचार रखते हुए राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को आवश्यक बताया।
स्पेस से देश का मान बढ़ा: बच्चों का भविष्य अंतरिक्ष में
प्रधानमंत्री ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि “चंद्रयान-3 की सफलता के बाद से देश के बच्चों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति नई जिज्ञासा जगी है। अब बच्चे कहते हैं – ‘हम भी चांद पर जाएंगे, हम भी स्पेस साइंटिस्ट बनेंगे।’”
उन्होंने अंतरिक्ष यात्री सुधांशु शुक्ला की सफल वापसी को देश के लिए गौरव का क्षण बताया और याद दिलाया कि 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
अतीत से जुड़ो, गौरव को जानो: किलों में छिपा है भारत का इतिहास
श्री मोदी ने यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त 12 मराठा किलों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा, “हर किला भारत की आत्मा का प्रतीक है — शिवनेरी, प्रतापगढ़, विजयदुर्ग, खंडेरी जैसे किले छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस और दूरदर्शिता के जीवंत उदाहरण हैं।”
उन्होंने राजस्थान के चित्तौड़गढ़, जैसलमेर, आमेर, कुंभलगढ़ जैसे दुर्गों को भारतीय संस्कृति का स्तंभ बताते हुए कहा कि “ये किले सिर्फ पत्थर नहीं, हमारे संस्कार और स्वाभिमान की कहानी कहते हैं।”
उत्तर प्रदेश के कालिंजर किले से लेकर मध्यप्रदेश के ग्वालियर, झांसी और बुंदेलखंड के किलों तक — प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इन स्थलों की यात्रा कर इतिहास से जुड़ें।
देशभक्ति के अमर प्रतीक: खुदीराम बोस को नमन
पीएम मोदी ने 11 अगस्त 1908 के दिन को याद करते हुए स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की शहादत को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “18 वर्ष की उम्र में फांसी के फंदे पर मुस्कुराना वही कर सकता है, जिसकी आत्मा देश के लिए समर्पित हो।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अगस्त माह में तिलक पुण्यतिथि (1 अगस्त), भारत छोड़ो आंदोलन (8 अगस्त) और स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) जैसे ऐतिहासिक पड़ाव आते हैं। साथ ही, 7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को स्वदेशी आंदोलन की स्मृति से जोड़ा।
खादी और हैंडलूम: आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने कहा कि “स्वदेशी केवल नारा नहीं, आत्मनिर्भरता का मंत्र है। खादी का कपड़ा सिर्फ वस्त्र नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना है।”
उन्होंने हैंडलूम सेक्टर को देश की ताकत बताते हुए कहा कि टेक्सटाइल क्षेत्र में नए आयाम भारत को ग्लोबल लीडर बना सकते हैं। इस साल राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस की 10वीं वर्षगांठ विशेष रूप से मनाई जाएगी।
खेल: शरीर और मन का संतुलन
“खेल जीवन का सर्वोत्तम फल है,” श्री मोदी ने खेलों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की — जैसे इंटरनेशनल केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स ओलंपियाड में जीते गए पदक।
उन्होंने बताया कि अगले माह मुंबई में एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स ओलंपियाड का आयोजन होगा, जिसमें 60 से अधिक देश भाग लेंगे — यह भारत में अब तक का सबसे बड़ा साइंस ओलंपियाड होगा।
स्वच्छता और सेवा: आधुनिक भारत की मूल भावना
प्रधानमंत्री ने फिर दोहराया कि स्वच्छता सिर्फ एक अभियान नहीं, जीवन जीने की शैली होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और फायर डिपार्टमेंट्स की सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा, “भारत की छवि अब एक कर्मठ, अनुशासित और सेवाभावी राष्ट्र की है। इसे बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
हिंसा छोड़ो, सौहार्द अपनाओ
मोदी जी ने आज के संदर्भ में विशेष संदेश देते हुए कहा कि “जीवन को सुंदर और विशाल बनाना है तो हिंसा का परित्याग करना होगा। शांतिपूर्ण समाज ही समृद्ध राष्ट्र का आधार है।”
📻 ‘मन की बात’ का यह 124वां एपिसोड इतिहास, विज्ञान और संस्कृति के बीच एक सेतु बनाते हुए आत्मनिर्भर, शांतिपूर्ण और गौरवशाली भारत का सपना साकार करने का आह्वान है।

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