वैश्विक मंच पर बढ़ेगा समन्वय:भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की होगी समीक्षा।
भारत/ नई दिल्ली /संयुक्त राष्ट्र महासभा/
28/09/2025
(खबर मीडिया सूत्र)
रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन की भारत आने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने की। उन्होंने बताया कि भारत और रूस के बीच व्यापार, सैन्य-तकनीकी सहयोग, वित्त, स्वास्थ्य सेवा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग का विस्तृत द्विपक्षीय एजेंडा है।
दोनों देश SCO और ब्रिक्स जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर और द्विपक्षीय समन्वय पर भी जोर दे रहे हैं।
रूसी विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की खुले दिल से प्रशंसा की और कहा कि भारत में तुर्की जैसा ही आत्म-सम्मान है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत रूस के साथ अपने व्यापारिक संबंधों पर पूरी तरह से स्वयं निर्णय लेने में सक्षम है, और किसी बाहरी देश की मंशा इस पर प्रभाव नहीं डाल सकती।
यह बयान दर्शाता है कि भारत अपनी विदेशी नीतियों और व्यापारिक निर्णयों में आत्मनिर्भर और सम्मानित भूमिका निभा रहा है।
एस जयशंकर और राष्ट्रपति पुतिन के बीच हाल ही में मॉस्को में हुई वार्ता में भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने और व्यापारिक रिश्तों को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों देशों के बीच यह रणनीतिक और आर्थिक सहयोग गहरा होता जा रहा है।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान कई बड़े समझौतों और सहयोगों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जो दोनों देशों के स्थिर और मजबूत साझेदारी को और पुष्ट करेगा।
इस पूरी संदर्भ में, भारत और रूस के बीच स्थिरता, आत्म-सम्मान और गहन सहयोग स्पष्ट रूप से उजागर होता है, जो दोनों देशों के बीच नए आयाम खोलने वाला है।(समाचार मिडिया सूत्रों से)
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