रानीदाह जलप्रपात:
रायपुर, 26 अक्टूबर 2025:
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के घने जंगलों के बीच बसा रानीदाह जलप्रपात प्रकृति प्रेमियों, रोमांच के शौकीनों और फोटोग्राफी के दीवानों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
मानसून के मौसम में जब झरना अपने पूरे शबाब पर होता है, तब इसका नजारा अद्भुत हो जाता है — चारों ओर हरियाली, जल की गूंज और पहाड़ियों का मोहक सौंदर्य हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देता है।
🌳 कहाँ स्थित है रानीदाह जलप्रपात
रानीदाह जलप्रपात जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 15–25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
यहां तक पहुंचने के लिए आप सड़क मार्ग, ट्रेन या हवाई यात्रा का उपयोग कर सकते हैं।
सड़क मार्ग: जशपुर से आरा मार्ग पर 18 किमी की दूरी
रेलवे स्टेशन: रांची व अंबिकापुर
हवाई अड्डा: रायपुर या रांची एयरपोर्ट
मुख्य सड़क से लगभग 5 किमी अंदर जंगल के बीच यह झरना स्थित है।
💧 प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच
बरसात के दौरान झरने की धाराएं विशाल चट्टानों से गिरकर एक बड़े जलकुंड में मिलती हैं।
आसपास फैले जंगल, टेढ़े-मेढ़े रास्ते और ऊंची-नीची पहाड़ियाँ इसे रोमांचक बनाती हैं।
यहाँ जिला प्रशासन द्वारा व्यू प्वाइंट, सीढ़ियाँ और पिकनिक स्पॉट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
👑 रानीदाह की कथा
स्थानीय किंवदंती के अनुसार, उड़ीसा की रानी शिरोमणि अपने प्रेमी के साथ यहाँ आई थीं और अपने भाईयों से बचते हुए इसी स्थान के पास आत्मसमर्पण किया था।
उसी के नाम पर इस झरने का नाम पड़ा — रानीदाह।
आज भी यहाँ रानी की समाधि और पंचमैया स्थल देखा जा सकता है, जो रानी के पाँच भाईयों का प्रतीक है।
निकट ही स्थित शिव मंदिर इस स्थल के धार्मिक महत्व को और बढ़ाता है।
🌈 कब जाएं
रानीदाह जलप्रपात जून से फरवरी तक अपने पूरे सौंदर्य पर होता है।
यह पिकनिक, ट्रेकिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए आदर्श स्थल है।


