यह मामला केवल भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि उस भरोसे का भी सवाल है जो वर्दी और व्यवस्था पर टिका होता है।एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस कथित रिश्वत के बदले देश की सुरक्षा से जुड़ी कोई संवेदनशील जानकारी साझा की गई।
नईदिल्ली/21/12/2025
दिल्ली के एक बंद कमरे में फैला नकदी का अंबार, अलमारियों में कपड़ों से ज्यादा गुलाबी नोटों की गड्डियां और नोट गिनते-गिनते थकी जांच टीम—यह दृश्य किसी फिल्मी पटकथा जैसा नहीं, बल्कि CBI की उस कार्रवाई का हिस्सा है जिसने देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा के आवास पर छापेमारी के दौरान करीब 2.23 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं।
CBI के अनुसार, यह कार्रवाई 19 दिसंबर 2025 को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। एजेंसी का आरोप है कि लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा एक कथित रिश्वत नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसके तार दुबई स्थित एक निजी कंपनी से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस मामले में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली का नाम भी एफआईआर में दर्ज किया गया है, जो वर्तमान में राजस्थान के श्रीगंगानगर में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। श्रीगंगानगर स्थित परिसर से भी लगभग 10 लाख रुपये नकद और कुछ संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
छापेमारी के दौरान इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिली कि नोट गिनने की मशीनों का सहारा लेना पड़ा और गिनती में घंटों लग गए। जांच एजेंसी का मानना है कि यह रकम लंबे समय से चल रही कथित अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करती है।
CBI ने लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और कथित रिश्वत देने वाले विनोद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 दिसंबर 2025 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब जांच का फोकस उस दुबई आधारित कंपनी और इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर है।


