RTO ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी: रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राजस्थान से दो ठग गिरफ्तार
रायपुर | 13 फरवरी 2026
RTO ई-चालान और फर्जी ऐप के नाम पर होने वाली साइबर ठगी पर रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई आम लोगों के लिए सतर्कता का संदेश है—अनजान लिंक और ऐप से दूरी ही सुरक्षा है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। इससे पहले भी रायपुर पुलिस इसी तरह के साइबर ठगी मामलों में महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।पुलिस ने राजस्थान से आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए ने RTO ई-चालान के नाम पर लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर पुलिस ने राजस्थान से दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी लिंक और ऐप भेजकर लोगों के मोबाइल हैक करते थे और बैंक खातों से रकम उड़ा लेते थे।
ठगी कैसे करते थे
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी एंड्रॉयड मोबाइल यूजर्स को निशाना बनाते थे। वे RTO ई-चालान के नाम से लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता, मोबाइल हैक हो जाता और बैंक अकाउंट या ई-वॉलेट से पैसे निकाल लिए जाते थे।
फर्जी ऐप और लालच का जाल
गिरफ्तार आरोपियों ने ‘Winmate’ नाम के फर्जी ऐप का इस्तेमाल किया। यूट्यूब और सोशल मीडिया पर
“टास्क कंप्लीट कर कमाई”, “इंस्टेंट बोनस”, “गेम खेलकर पैसा कमाएं”
जैसे लुभावने विज्ञापनों के जरिए लोगों को झांसे में लिया जाता था।
ऐप इंस्टॉल करते ही यूजर्स को फर्जी बोनस दिखाया जाता और फिर एसएमएस टास्क के नाम पर मोबाइल नंबर से बड़ी संख्या में फर्जी चालान व संदिग्ध लिंक भेजे जाते थे।
ठगी की रकम का इस्तेमाल
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ठगी की रकम छिपाने के लिए क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे से सामान मंगवाते थे। डिलीवरी अलग-अलग राज्यों में कराई जाती थी, ताकि पैसों की ट्रैकिंग न हो सके।


