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रायपुर : छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोकथाम के लिए सख्त कार्रवाई, कई जिलों में छापे

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रायपुर, 01 सितंबर 2025।(छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)

छत्तीसगढ़ सरकार ने नशीली दवाओं के अवैध व्यापार और दुरुपयोग पर कड़ा रुख अपनाया है। औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने प्रदेशभर में छापेमार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं जब्त कीं और आरोपियों को हिरासत में लिया।

कबीरधाम व रायपुर में बड़ी बरामदगी

पंडरिया (जिला कबीरधाम) में प्रतिबंधित औषधियों की अवैध बिक्री की सूचना पर कार्रवाई की गई। छापेमारी में 200 स्ट्रिप नशीली दवाएं जब्त की गईं।
वहीं राजधानी रायपुर में पुलिस ने कोडीन फॉस्फेट युक्त प्रतिबंधित औषधियों की बिक्री रोकने के लिए दबिश दी। इस दौरान 120 नग प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं और दो लोगों को हिरासत में लिया गया। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

गरियाबंद में मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई
गरियाबंद जिले के कोपरा स्थित चन्दन मेडिकल स्टोर में छापेमारी के दौरान बिक्री रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। दुकान संचालक पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 व नियमावली 1945 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

महासमुंद में नशामुक्त अभियान
नगर पालिका महासमुंद में मेडिकल संचालकों की बैठक आयोजित हुई। इसमें “नशामुक्त महासमुंद” अभियान पर चर्चा की गई और सभी दवा विक्रेताओं ने समाज को नशे से बचाने के लिए प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नशे के आदी लोग अक्सर दवाइयों का दुरुपयोग करते हैं, जिससे अपराध और सामाजिक अव्यवस्था बढ़ती है।

जागरूकता अभियान : स्कूलों व टाउन हॉल में कार्यक्रम
औषधि विभाग ने जनजागरूकता की मुहिम भी तेज की है।
बेमेतरा जिला मुख्यालय टाउन हॉल में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर नशे के दुष्प्रभावों पर कार्यक्रम हुआ।

कोंडागांव, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर व राजनांदगांव के शासकीय विद्यालयों में भी छात्रों को नशे की लत से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
एम्स रायपुर की दवाओं का निरीक्षण
राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन और सीडीएससीओ (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) की टीम ने एम्स रायपुर के सेंट्रल फार्मेसी स्टोर का संयुक्त निरीक्षण किया।

निरीक्षण में हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड, पुणे की कुछ दवाओं के विधिक सैंपल लिए गए। इन सैंपल्स को परीक्षण और विश्लेषण हेतु भेजा गया है ताकि दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित हो सके।

निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं पर रोकथाम के लिए प्रशासन का अभियान लगातार तेज हो रहा है। एक ओर जहां अवैध कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर समाज को जागरूक कर नशामुक्त वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है।


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