गरियाबंद/छत्तीसगढ़_08/11/2025
छत्तीसगढ़ के नक्सल विरोधी अभियान को (शुक्रवार को) एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ 37 लाख रुपये के कुल इनामी सात माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह सरेंडर गरियाबंद-धमतरी-नुआपाड़ा डिवीजन के अंतर्गत उदंती एरिया कमेटी के सदस्यों ने किया।
टॉप लीडरशिप का आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वालों में नक्सली संगठन के दो शीर्ष नेता भी शामिल हैं, जिससे इस कमेटी को बड़ा झटका लगा है।
👉 उदंती एरिया कमांडर सुनील: इस पर 8 लाख रुपये का इनाम था।
👉 एरिया सचिव एरिना: इस पर भी 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।अन्य सरेंडर करने वालों में कमेटी सदस्य लुद्रो, विद्या, नंदिनी और मलेश (प्रत्येक पर 5-5 लाख रुपये का इनाम) और 1 लाख रुपये की इनामी कांती शामिल हैं।
हथियारों के साथ पहुंचे थाने।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी माओवादी पैदल चलकर जंगल से बाहर निकले और स्वयं ही अपने हथियारों के साथ सरेंडर करने थाने पहुंचे।जब्त किए गए हथियारों में एक SLR (सेल्फ-लोडिंग राइफल), तीन इंसास राइफलें, और एक सिंगल शॉट बंदूक शामिल हैं। उनके पास से जिंदा कारतूस और कुछ विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है।
मुख्यधारा में लौटने की अपील
सरेंडर करने वाली नक्सली सदस्य विद्या ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यह फैसला पूर्व टॉप कमांडर रूपेश दादा की अपील के बाद लिया है। उन्होंने भावुक होकर कहा, “हम अब जंगल में नहीं रहना चाहते, हथियार छोड़कर घर जाना चाहते हैं।”कमेटी मेंबर लुद्रो ने बताया कि लगातार मुठभेड़ों में शीर्ष नेताओं के मारे जाने के कारण नक्सली संगठन टूट गया है और बिखर गया है। उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य माओवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होना है।
पुलिस का मानना है कि शीर्ष माओवादी नेताओं के एनकाउंटर से पैदा हुआ खौफ भी बड़ी संख्या में सक्रिय नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर रहा है।


