बस्तर समाचार_ 06 मार्च 2026
केंद्र और राज्य सरकारों का संयुक्त लक्ष्य मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद और आतंकवाद से मुक्त करना है। इसी दिशा में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भारत का सबसे मोस्ट वांटेड माओवादी नेता गणपति (मुप्पला लक्ष्मण राव) नेपाल से गिरफ्तार कर भारत लाया गया है।जानकारी के अनुसार गणपति आंध्रप्रदेश के कृष्णा जिले में जन्मे और छात्र जीवन में ही वामपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर धीरे-धीरे उग्र वामपंथी आंदोलन में सक्रिय हो गया।
गणपति कौन हैं? नक्सली आंदोलन का कुख्यात चेहरा
पूरा नाम: मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति।
भूमिका: 2004 से 2018 तक भारतीय माओवादी आंदोलन के महासचिव।पूर्व माओवादी महासचिव गणपति नेपाल से गिरफ्तार भारत लाकर औपचारिक आत्मसमर्पण की तैयारी
दंतेवाड़ा, झीरम घाटी जैसे हमलों का मास्टरमाइंड।
प्रभाव: नक्सली संगठन का सबसे प्रभावशाली और कुख्यात नेता। बड़े माओवादियों में शुमार भारत सरकार की मोस्ट वांटेड लिस्ट में टॉप लीडर।
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, गणपति को नेपाल से पकड़कर भारत लाया गया है। जल्द ही उसका औपचारिक समर्पण हो सकता है।
गिरफ्तारी पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) ने कहा,
“इस तरह की सूचना सामने आई है, लेकिन फिलहाल किसी राज्य या केंद्रीय एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की। जब तक अधिकृत जानकारी नहीं मिलती, तब तक स्पष्ट कुछ कहना संभव नहीं।”उन्होंने कहा कि जब तक अधिकृत स्तर पर जानकारी सामने नहीं आ जाती तब तक इस विषय पर स्पष्ट रूप से कुछ भी कहना संभव नहीं है।
यह गिरफ्तारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रही महामुहिम को नई गति देगी। केंद्र सरकार का डेडलाइन मार्च 2026 है, और पुलिस नेपाल तक पहुंच गई है।


