रायपुर | 09 जनवरी 2026
उदंती–सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीव अपराध के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल करते हुए 6 शिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्यभर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विभाग द्वारा गश्त और निगरानी को सुदृढ़ किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के मार्गदर्शन में एंटी-स्नेयर वॉक अभियान, नियमित पेट्रोलिंग और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। ड्रोन, ट्रैप कैमरे और खुफिया सूचना तंत्र के माध्यम से संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
इसी क्रम में गरियाबंद जिले के परिक्षेत्र कुल्हाड़ीघाट अंतर्गत ओड़ सर्कल में वन्यजीव अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान ग्राम सुनाबेड़ा (ओडिशा) के 2 तथा ग्राम ओड़ के 4 आरोपियों को धर-दबोचा गया। आरोपियों के कब्जे से खरगोश पकड़ने के फंदे, तीर-कमान और मछली पकड़ने के जाल सहित शिकार में प्रयुक्त सामग्री बरामद की गई है।
वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध दो अलग-अलग प्रकरणों में पी.ओ.आर. (प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट) दर्ज कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। सभी 6 अभियुक्तों को 07 जनवरी को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पिकनिक या अन्य गतिविधियों की आड़ में होने वाले अवैध शिकार को रोकने के लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी, सख्त कानून, जुर्माने और जन-जागरूकता अभियानों को और तेज किया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।


