नई दिल्ली/हापुड़ | 8 सितंबर 2025
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लाल किला परिसर से चोरी हुए हीरे-जवाहरात जड़े एक करोड़ रुपये के स्वर्ण कलश को बरामद कर लिया है। मामले में मुख्य आरोपी भूषण वर्मा को उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के असौड़ा गांव से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को इस हाई-प्रोफाइल चोरी की गुत्थी सुलझाने में 5 दिन का समय लगा।
🎯 चोरी का तरीका और साजिश
दिल्ली के लाल किला परिसर के ठीक सामने स्थित 15 अगस्त पार्क में 28 अगस्त से जैन समाज का धार्मिक अनुष्ठान चल रहा है, जो 9 सितंबर तक चलेगा। इसी आयोजन के दौरान 3 सितंबर को चोरी की यह वारदात हुई।
आरोपी भूषण वर्मा जैन मुनि के भेष में धोती और अंगवस्त्र पहनकर कई दिन से अनुष्ठान में भाग ले रहा था। लोगों के साथ घुलमिल जाने के बाद वह कार्यक्रम के मंच तक पहुंचा और मौका मिलते ही दो स्वर्ण कलशों से भरा बैग लेकर फरार हो गया।
💰 कलश की कीमत और विशेषता
व्यापारी सुधीर जैन पूजन के लिए लगभग 1.5 करोड़ रुपये के दो स्वर्ण कलश लेकर आए थे। पुलिस जांच में पता चला है कि:
एक कलश पर 760 ग्राम सोने से बना नारियल लगा था
दूसरे कलश में हीरे, माणिक और पन्ने जड़े हुए थे
ये कलश लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के स्वागत के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए थे। उसी दिन वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे।
🕵️♂️ आरोपी की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, भूषण वर्मा कलश चोरी का शातिर अपराधी है। वह इससे पहले भी दिल्ली के कई मंदिरों—जैसे लाल मंदिर और अशोक विहार मंदिर—से कलश चुरा चुका है। उस पर पहले से 5 मुकदमे दर्ज हैं। पेशे से वह एक वाहन चालक है।
गिरफ्तारी के बाद भूषण के घर से एक कलशनुमा वस्तु भी बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि दो और कलश अब भी गायब हैं, जिन्हें बरामद करने के प्रयास जारी हैं।
🔍 CCTV और छापेमारी से मिली सफलता
पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से सुराग मिला, जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच की टीमों ने कई शहरों में छापेमारी की। अंततः भूषण को दिल्ली से करीब 100 किलोमीटर दूर उसके गांव से गिरफ्तार किया गया।
📰 यह खबर तेजी से वायरल हो रही है क्योंकि इसमें धार्मिक आस्था, हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम और सुनियोजित अपराध तीनों जुड़े हैं।
📍 स्रोत: क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस | नवभारत टाइम्स रिपोर्ट।


