बस्तर/36 गढ़_ 10 फरवरी 2026
बैलाडीला की संवेदनशील राजा बंगला क्षेत्र में वन विभाग के पौधरोपण प्रोजेक्ट पर खबर सूत्रों से ली गई जानकारी अनुसार अब इस मुद्दे पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एनएमडीसी के क्षेत्र में खनन से कटे पेड़ों की भरपाई के लिए 132 हेक्टेयर में 2.5 करोड़ रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जमीन पर न पौधे न कोई काम।
बात करें केंद्र सरकार की तो महती कार्ययोजना तहत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान पर जोर दे रहे हैं, एक-एक पेड़ की बात कर रहे हैं, लेकिन यहां 2.5 करोड़ खर्च के बाद पेड़ का बीज तक नहीं दिख रहा।
खबर सूत्रों के हवाले से अब जानकारी है कि केवल साइन बोर्ड और 10 बैग पुराना सीमेंट मिला। एस्टीमेट में तालाब, सोलर सिस्टम, बोरवेल, फेंसिंग जैसी सुविधाएं बताईं, लेकिन खबर देखी हकीकत कुछ और है खर्चों करोड़ों में और हासिल पेड़ शून्य। खर्च ब्रेकअप: फेंसिंग पर 24 लाख, पौधे तैयार करने पर 67 लाख, गड्ढा खुदाई पर 42 लाख।लाखों गड्ढे करने थे पर उस परिक्षेत्र में सिर्फ 1 हजार गड्ढे दिखे, जबकि 1 लाख होने चाहिए थे।
पिछले 5 साल से वन मंडल अधिकारी द्वारा जांच का बहाना ही बनाया जा रहा है कोई कार्रवाई नहीं।जवाब मांगने पर रेंजर का कहना है , “मौके पर जाकर देखेंगे, तब बताएंगे।”यह तो हद ही हो गई कि मौके पर गए ही नहीं है यह देखने की काम हुआ है कि नहीं ।दंतेवाड़ा की कटाई दूसरे जिलों में दिखाने का खेल चल रहा। विभाग पौधों की संख्या बताने को तैयार नहीं।
क्या.?बैलाडीला क्षेत्र में एनएमडीसी द्वारा बचेली और किरंदुल में खनन से हुई वन कटाई की भरपाई के लिए वर्षों से कागजों पर ही पौधरोपण दिखाया जा रहा है.!!


