अब सबकी निगाहें अदालत की अगली सुनवाई पर होंगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पीड़िताओं के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ कितनी मजबूत दलीलें पेश की जाती हैं।
भोपाल। 26।08।2025:_
कॉलेज छात्राओं से दुष्कर्म, मारपीट, ब्लैकमेल और धर्म परिवर्तन के दबाव के चर्चित मामले में भोपाल जिला न्यायालय ने मुख्य आरोपी फरहान खान समेत छह आरोपितों पर आरोप तय कर दिए हैं। अब 1 सितंबर से इस सनसनीखेज मामले में ट्रायल शुरू होगा और गवाहों की गवाही अदालत के सामने पेश की जाएगी।
कौन-कौन हैं आरोपी?
अदालत ने फरहान खान के साथ उसके साथियों साहिल खान, अली अहमद, नबील, अबरार और साद उर्फ शम्सउद्दीन को अभियुक्त मानते हुए बीएनएस की धारा 61(2), 64, 115(2), 35(2), 66(ई), 296 और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत आरोप तय किए हैं।
मामला कैसे शुरू हुआ?
पहली एफआईआर 12 अप्रैल को बाग सेवनिया थाने में एक पीड़िता की शिकायत पर दर्ज हुई।
इसके बाद अन्य छात्राओं ने भी हिम्मत जुटाकर अशोका गार्डन, ऐशबाग और जहांगीराबाद थानों में शिकायतें दर्ज कराईं।
आरोपों में दुष्कर्म, मारपीट, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी और धर्म परिवर्तन का दबाव शामिल है।
चार अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों की जांच पूरी होने के बाद जिला न्यायालय में अभियोग पत्र दाखिल किया गया।
अदालत की कार्यवाही
मुख्य आरोपी फरहान खान के वकील ने तीनों मामलों की अलग-अलग सुनवाई की मांग की थी, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया है। अगली तारीख 1 सितंबर को अपर लोक अभियोजक ट्रायल प्रोग्राम प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद गवाहों की गवाही शुरू होगी।
क्यों खास है यह केस?
यह मामला सिर्फ आपराधिक कृत्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और धार्मिक स्वतंत्रता कानून – तीनों बड़े पहलू जुड़े हैं। यही वजह है कि यह केस भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में बहस का विषय बन चुका है।


