डिजिटल डेस्क _ दुर्ग, 14 मार्च 2026
दुर्ग जिले के समोदा गांव में BJP नेता के खेत पर अवैध अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। क्या यह ज्यादा मुनाफे के चक्कर में छत्तीसगढ़ी जनता को नशे की गिरफ्त में धकेलने की साजिश है? जिला प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को तत्काल निलंबित कर दिया। जांच में पाया गया कि उन्होंने जिस खेत को मक्का फसल के प्रदर्शन प्लॉट के रूप में रिकॉर्ड किया था, वहां वास्तव में धान लगी थी और अफीम की खेती हो रही थी। पटवारी अनिता साहू और फसल सर्वेयर शशिकांत साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके जवाब का इंतजार है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फसल सर्वे में गलत तस्वीरें अपलोड की गईं और बिना मौके जांच के रिपोर्ट मंजूर हो गई। एकता साहू ने नोटिस का जवाब दिया, लेकिन वह संतोषजनक नहीं पाया गया। कलेक्टर ने कहा, “अवैध खेती पर जीरो टॉलरेंस। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” अन्य अधिकारियों को भी नोटिस दिए गए हैं।
यह मामला छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ जंग को मजबूत करता है। अफीम जैसी खेती न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि युवाओं को नशे की लत में धकेलती है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आगे ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
वहीं हालिया बयान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा अफीम खेती पर गंभीर होते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
अफीम खेती पर प्रशासन सख्त: दोषी BJP नेता के खेत पर बड़ी कार्रवाई, अफसर निलंबित


