दुर्ग, छत्तीसगढ़ | 10 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी विनायक ताम्रकार के फार्महाउस में पुलिस ने मक्के की आड़ में की जा रही अफीम की अवैध खेती पकड़ी है। अफीम के पौधों की बाजार कीमत करीब ₹8 करोड़ बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
दुर्ग जिले के समोदा गांव में स्थित एक फार्महाउस पर पुलिस ने छापा मारा। जांच में सामने आया कि डेढ़ एकड़ से अधिक भूमि पर चुपचाप अफीम के पौधे उगाए जा रहे थे। फसल को मक्के की खेती की आड़ में छुपाया गया था।
पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
भाजपा की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर 7 मार्च को विनायक ताम्रकार को पार्टी से तत्काल निलंबित कर दिया गया।
निलंबन आदेश में कहा गया कि इस प्रकरण से पार्टी की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। ताम्रकार भाजपा किसान मोर्चे की चावल मिल प्रसंस्करण परियोजना के राज्य संयोजक थे और उनके पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है।
आरोपी का पक्ष
विनायक ताम्रकार ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। उनका कहना है:की के
जिस जमीन पर अफीम मिली, वह बटाई (किराए) पर दी गई थी
उन्हें इस खेती की कोई जानकारी नहीं थी
संपत्ति उनके नाम नहीं है ।
राजनीतिक विवाद
छापे के अगले दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समोदा स्थित घटनास्थल पर पहुंचे और मामले को लेकर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि:
फार्महाउस चरागाहों सहित करीब 150 एकड़ में फैला है
आरोपी के शक्तिशाली राजनीतिक संबंध हैं
प्रशासनिक लापरवाही की वजह से यह खेती जारी रही
सरकार को बताना चाहिए कि कौन से मंत्री-विधायक इसमें शामिल हैं
विधानसभा में हंगामा
इस मुद्दे ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी तूफान खड़ा कर दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता को सत्ताधारी दल का संरक्षण मिला हुआ था।
जब विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग नामंजूर की, तो कांग्रेस के 29 विधायक अध्यक्ष के आसन के पास आ गए। इसके बाद सभी विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया और कुछ देर के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
मामले की मुख्य बातें
बिंदु विवरण जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़ आरोपी विनायक ताम्रकार (भाजपा किसान मोर्चा)गिरफ्तारियां 3 खेती का क्षेत्र डेढ़ एकड़ से अधिक अनुमानित कीमत ₹8 करोड़ पार्टी कार्रवाई।
तत्काल निलंबन
यह मामला छत्तीसगढ़ में राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील बन गया है। पुलिस जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।


