पंडरिया, छत्तीसगढ़ | 18 जुलाई 2025: JANCHOUPAL36
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया में मेंटेनेंस सत्र 2025-26 की शुरुआत से पहले श्रमिकों की वापसी को लेकर कारखाना प्रबंधन और भारतीय मजदूर संघ (BMS) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। यह समझौता 12 से 15 जुलाई तक चले “टूल डाउन” आंदोलन के बाद संभव हो सका।
मुख्य मांग – वरिष्ठता के आधार पर वापसी:
समझौते के तहत स्पष्ट रूप से यह तय किया गया है कि मेंटेनेंस सत्र के लिए श्रमिकों की वापसी वरिष्ठता (Seniority) के आधार पर की जाएगी। यह प्रावधान सभी श्रमिकों पर समान रूप से लागू होगा। BMS की यह प्रमुख माँग थी, जिससे संगठन श्रमिकों के अधिकार और निष्पक्षता सुनिश्चित करना चाहता है।
अनियमितता पर सख्त रुख:
BMS ने समझौते में यह शर्त भी जोड़ी है कि यदि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात पाया गया, तो संगठन के 350 पंजीकृत सदस्यों को तत्काल कार्य पर नियुक्त किया जाना अनिवार्य होगा। अन्यथा, संगठन द्वारा फिर से उग्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई है।
BMS की चेतावनी:
भारतीय मजदूर संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि समझौते का पालन नहीं होता या नियमों का उल्लंघन होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कारखाना प्रबंधन और शासन-प्रशासन की होगी। संगठन ने कहा कि श्रमिकों की गरिमा और अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


