छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला — 50 हजार रुपए की बढ़ोतरी से खुलेंगे आत्मनिर्भरता के रास्ते।
रायपुर, 24 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ में काम करने वाली महिला निर्माण श्रमिकों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने ई-रिक्शा खरीदने पर दी जाने वाली अनुदान राशि में 50 हजार रुपए की बढ़ोतरी करते हुए इसे एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए कर दिया है। यह फैसला उन हजारों महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बनकर आया है, जो निर्माण क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूरी करते हुए अपने परिवार का बोझ उठा रही हैं।
क्यों अहम है यह फैसला?
निर्माण क्षेत्र में काम करने वाली महिला श्रमिकों की आर्थिक स्थिति अक्सर अनिश्चित रहती है। मौसम, ठेकेदार और काम की उपलब्धता पर निर्भर इनकी आय में कोई स्थायित्व नहीं होता। ऐसे में ई-रिक्शा जैसा स्वरोजगार का साधन इन्हें न केवल नियमित आमदनी दे सकता है, बल्कि समाज में एक स्वतंत्र पहचान भी।
पहले एक लाख रुपए के अनुदान से ई-रिक्शा की पूरी कीमत नहीं चुकाई जा सकती थी, जिससे कई पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ लेने से पीछे हट जाती थीं। अब डेढ़ लाख रुपए की राशि से यह बाधा काफी हद तक दूर होगी।
कैसे मिलेगा लाभ?
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत महिला श्रमिक इस योजना के लिए पात्र हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पात्र महिलाओं को नियमानुसार यह राशि सीधे प्रदान की जाएगी।
सितंबर की घोषणा, फरवरी में अमल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2025 को इस बढ़ोतरी की घोषणा की थी। पांच महीने बाद इसे औपचारिक रूप से लागू किया गया है। सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
जमीनी असर कितना होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दूरदराज के इलाकों में पंजीकृत महिला श्रमिकों तक यह जानकारी कितनी तेजी से पहुंचती है। ऑनलाइन आवेदन की बाध्यता उन महिलाओं के लिए चुनौती बन सकती है जो डिजिटल साधनों से परिचित नहीं हैं। सरकार को चाहिए कि ग्राम पंचायत और श्रम कार्यालयों के माध्यम से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।


