“पर्यावरण ही प्रकृति का श्रृंगार है — वर्षा में हरियाली,ठंड में निखरती तो पतझड़ में बेरंग सन्नाटा”
रायपुर,जनचौपाल_36
13 अगस्त 2025
(जनसंपर्क छत्तीसगढ़)
पर्यावरणीय जिम्मेदारी और प्रकृति से आत्मीय जुड़ाव की भावना विकसित करने के उद्देश्य से बलौदाबाजार वनमण्डल के अर्जुनी वन परिक्षेत्र में
जल-जंगल-यात्रा
कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, सोनाखान के विद्यार्थी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
वनमण्डलाधिकारी ने बताया कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार आयोजित यह कार्यक्रम मात्र भ्रमण नहीं, बल्कि प्रकृति को समझने और उसकी रक्षा के प्रति जागरूकता का अभियान है। यह पहल आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण का प्रहरी बनने के लिए प्रेरित करती है।
यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को वनों के महत्व, लघु वनोपज, औषधीय पौधों की उपयोगिता और जल संरक्षण की तकनीकों की जानकारी दी गई। स्टॉप डेम के माध्यम से वर्षाजल संग्रह और सिंचाई में उसके उपयोग की विधियों पर विशेष चर्चा हुई।
प्रशिक्षु वन अधिकारियों ने वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और वन विभाग में करियर अवसरों पर भी मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम के अंत में वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री रूपेन्द्र साहू ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री के.आर. पटेल, शिक्षकगण, वन प्रबंधन समिति अर्जुनी के सदस्य और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


