रायपुर | 15 मार्च 2026 | नगर प्रशासन
मीडिया खबर की जानकारी अनुसार रायपुर नगर पालिक निगम का राजस्व विभाग इन दिनों संपत्ति कर बकायादारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। निगम ने शहर के 10 जोनों से 10-10 बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर ली है, यानी कुल 100 ऐसे लोग हैं जिन पर निगम की नजर टिकी हुई है। यदि इन बकायादारों ने जल्द ही अपना बकाया संपत्ति कर जमा नहीं किया, तो उनके नाम और पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाएगा।
नाम सार्वजनिक करना तो बस पहला कदम है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इसके साथ-साथ नियमों के तहत कुर्की और संपत्तियों की सीलबंदी जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। राजस्व विभाग का कहना है कि बकायादार यदि कार्रवाई से बचना चाहते हैं तो जल्द से जल्द अपना पूरा बकाया जमा कर दें।
यह कार्रवाई केवल बड़े बकायादारों तक सीमित नहीं है। निगम ने शहर के सभी संपत्तिकरदाताओं से भी अपील की है कि वे 31 मार्च 2026 से पहले अपना देय कर जमा कर दें। इस तिथि के बाद कर जमा करने पर नियमानुसार 17 प्रतिशत अधिभार के साथ वसूली की जाएगी, जो सीधे करदाता की जेब पर भारी पड़ेगा।
जनसुविधा का ध्यान रखते हुए नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था की है। 31 मार्च 2026 तक सभी 10 जोन कार्यालयों के राजस्व विभाग प्रत्येक शनिवार और रविवार को भी खुले रहेंगे, ताकि नौकरीपेशा और व्यस्त करदाता भी आसानी से अपना कर जमा कर सकें।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर हर साल यही नौबत क्यों आती है? दरअसल, संपत्ति कर नगर निगम की आय का सबसे बड़ा स्रोत है। इसी से सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट और तमाम नागरिक सुविधाएं चलती हैं। जब बड़े बकायादार कर नहीं चुकाते, तो विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ता है और निगम को हर बार सख्ती की राह पकड़नी पड़ती है। यह सिलसिला तब तक नहीं थमेगा जब तक लोग यह न समझ लें कि टैक्स तो जमा करना ही होगा।


