एफसीआई की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता अनिवार्य, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी
FCI समीक्षा बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का दो टूक संदेश
रायपुर | 21 दिसंबर
छत्तीसगढ़ का किसान देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ है और उसके हितों से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है। यह स्पष्ट और सख्त संदेश रायपुर सांसद एवं छत्तीसगढ़ भारतीय खाद्य निगम (FCI) परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष श्री बृजमोहन अग्रवाल ने एफसीआई की विस्तृत समीक्षा बैठक में दिया। बैठक में एफसीआई के महाप्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में धान खरीदी, भंडारण, मिलिंग, परिवहन और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
सांसद अग्रवाल ने किसानों से धान का समय पर उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी किसान को देरी या अव्यवस्था के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राज्य में भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए नए गोदामों के निर्माण तथा डिपो में जगह की कमी को गंभीर बताते हुए त्वरित समाधान के निर्देश दिए। साथ ही चावल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सैंपलिंग मशीनों और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया।
बैठक में बैंक गारंटी से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं और 2024-25 में 200 राइस मिलों को अनुमति न मिलने से उत्पन्न समस्याओं पर सांसद ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे किसानों व मिलर्स दोनों के लिए नुकसानदेह बताया। परिवहन व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने डोंगरगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में कम दरों के कारण आ रही दिक्कतों और रेलवे रैक की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तकनीक आधारित पारदर्शिता पर बल देते हुए सांसद ने एफसीआई के मूवमेंट सिस्टम को पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड करने और AI टूल के जरिए योजना निर्माण व मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक जिले में AGA मशीन, रिजेक्शन की स्थिति में लिखित कारण तथा FRK जांच के लिए राज्य में ही लैब स्थापित करने की आवश्यकता बताई।


