प्रदेश के विकास को नई गति देगा बजट किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है: मुख्यमंत्री श्री साय।
रायपुर_25/02/2026
छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेश का बजट प्रस्तुत किया।बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर स्थित सभाकक्ष में कैबिनेट की बैठक पर बजट को मंजूरी दी गई ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट “सुशासन से समृद्धि की ओर” के नारे के साथ पेश किया है। नवनिर्मित विधानसभा भवन में प्रस्तुत यह तीसरा बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण का वादा लेकर आया है। लेकिन सवाल यह है — क्या यह बजट महज कागजी संकल्पों का पुलिंदा है, या वाकई बदलाव की आधारशिला?
सत्ता पक्ष की नजर में यह बजट समावेशी विकास की दिशा में मील का पत्थर है। व्यापारी वर्ग उद्योग-अनुकूल प्रावधानों से उत्साहित है, किसान कृषि-केंद्रित घोषणाओं को सराह रहे हैं और आमजन भविष्योन्मुखी योजनाओं में उम्मीद ढूंढ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने
इसे “भ्रष्टाचार का बजट” कहकर सीधा हमला बोला है। महतारी बंदन योजना की शिक्षित महिलाओं का हड़ताल पर होना और बेरोजगार युवाओं के लिए ठोस प्रावधानों की कमी — ये सवाल बजट की चमक पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हैं।
सच तो यह है कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में बजट की असली परीक्षा विधानसभा के पटल पर नहीं, बल्कि गांव की पगडंडियों, आदिवासी अंचल के स्कूलों और युवाओं के रोजगार में होती है। घोषणाएं प्रयास और परिणाम पर निर्भर है।घोषणाएं प्रेरित करती हैं, क्रियान्वयन परिवर्तन लाता है।


