नमूने राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए
रायपुर_08/12/2025
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, देवपुरी में एक कैल्सिड सीरप की बोतल के भीतर मांस जैसी संदिग्ध वस्तु पाए जाने का मामला सामने आया है। 6 दिसंबर को मिली इस सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग और खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है।
सूचना मिलते ही रायपुर जिले की संयुक्त जांच टीम ने 07 दिसंबर को संबंधित दवा का विधिवत नमूना संग्रहित किया। यह नमूना कैल्सिड सस्पेंशन 200 एमएल, बैच नंबर ALGE 4061, निर्माण तिथि 05/2024, एक्सपायरी 04/2026 का है। दवा का निर्माण हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित (एक्टिनोवा)एक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है।
एकत्र किए गए नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए रायपुर स्थित राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है। विभाग का कहना है कि जैसे ही लैब रिपोर्ट प्राप्त होगी, अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संदिग्ध बैच की निगरानी बढ़ा दी गई है और संबंधित स्वास्थ्य केंद्र से अतिरिक्त जानकारी भी संकलित की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर प्रदेशभर में दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए औषधि निरीक्षकों की टीम लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग कर रही है। विभाग का दावा है कि किसी भी तरह की मिलावट, मानक से भिन्न गुणवत्ता या सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की संदिग्ध दवा या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता दिखाई दे, तो तुरंत विभाग की हेल्पलाइन 9340597097 पर सूचना दें। विभाग का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है और किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सकता है।


