रायपुर, 10 नवंबर 2025
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य स्वास्थ्य प्रशिक्षण संस्थान (SIHFW) के सौजन्य से महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों (एलएचवी) हेतु एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से एलएचवी उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) के मामलों को अधिक दक्षता से संभाल सकेंगी, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आएगी।
कार्यक्रम में सचिव, स्वास्थ्य अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. एस.के. पामभोई, संयुक्त संचालक डॉ. निर्मला यादव सहित यूनीसेफ एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों की भूमिका को समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की प्रथम पंक्ति व संस्थागत सेवाओं और समुदाय के बीच सेतु के रूप में महत्वपूर्ण बताया।
यह प्रशिक्षण का प्रथम बैच था, जिसके पश्चात आगामी चरणों में 14 बैचों के माध्यम से पूरे राज्य की महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण में प्रजनन, मातृ, शिशु, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य (RMNCH) सेवाओं पर केंद्रित विषयों जैसे एएनसी, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान व प्रबंधन, पीएमएसएमए कार्यक्रम, प्रसव पूर्व-पश्चात देखभाल, संक्रमण नियंत्रण, नवजात देखभाल और रेफरल प्रणाली पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
प्रतिभागियों ने समूह चर्चा, केस स्टडी और व्यवहारिक सत्रों में सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण नेतृत्व, कार्यकुशलता और समुदाय से जुड़ाव को सशक्त बनाएगा तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर परिणाम दिलाने में सहायक होगा।


